अतुल सुभाष मामला : वकील दिनेश मिश्रा ने फैमिली कोर्ट के भरण पोषण आदेश पर दी जानकारी

जौनपुर, 17 दिसंबर (आईएएनएस)। इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस मामले में उनके वकील दिनेश मिश्रा का मंगलवार को बयान सामने आया। उन्‍हाेंने फैमिली कोर्ट के भरण पोषण के आदेश की जानकारी दी।

मेंटेनेंस केस में कोर्ट के फैसले के सवाल के जवाब में अतुल सुभाष के वकील दिनेश मिश्रा ने बताया कि 29 जुलाई 2024 को फैमिली कोर्ट का फैसला आया, इसके पहले सुभाष की पत्‍ नी निकिता ने कोर्ट में मेंटेनेंस के लिए जो याचिका दायर की थी, उसमें कहीं पर भी नहीं लिखा है कि उन्होंने जौनपुर में आकर मकान लिया हो, उसकी किस्त के लिए उनकी सैलरी से कोई पैसा कटा हो।

अपनी याचिका में उन्होंने अपने पति की सैलरी के बारे में बताया है। उसमें निकिता ने अपनी सैलरी का जिक्र नहीं किया है। निकिता ने उसमें बताया है कि दहेज के लिए उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है। मुझे और मेरे बेटे को मेंटेनेंस के रूप में दो लाख रुपये दिए जाएं।

निकिता ने क्‍या अपनी याच‍िका में रहन सहन को लेकर भी जिक्र किया है। इस पर वकील दिनेश मिश्रा कहा कि निकिता ने कहा है कि मैं जिस स्टेटस के साथ अपने पति के साथ रह रही थी, उस स्टेटस के साथ मैं अपने बच्चे के साथ अकेले नहीं रह पा रही हूं। इसलिए मुझे और मेरे बच्चे को हर महीने दो लाख रुपये दिए जाएं। लेकिन कोर्ट ने बेटे के भरण पोषण के ल‍िए 40 हज़ार रुपये महीने देने का आदेश किया। बच्चे को 40 हजार रुपये मेंटेनेंस के तौर पर दिए गए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उनकी पत्नी के लिए मेंटेनेंस देने की कोई जरूरत नहीं है।

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बता दें कि हाल ही में अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने गुरुग्राम से और मां निशा सिंघानिया समेत भाई अनुराग को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। अतुल सुभाष ने तीनों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

अतुल ने निकिता और उनके परिवार पर उत्पीड़न और जबरन वसूली का आरोप लगाया था। बीते शुक्रवार को बेंगलुरु पुलिस ने निकिता सिंघानिया के जौनपुर में स्थित मकान पर नोटिस चस्पा किया था। इसमें तीन दिन में बयान दर्ज करने को कहा गया था।

निकिता सिंघानिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में निकिता सिंघानिया, मां निशा सिंघानिया, भाई अनुराग सिंघानिया और चाचा सुशील सिंघानिया को आरोपी बनाया है। सिंघानिया परिवार ने कोर्ट में अपने वकीलों का पैनल नियुक्त किया था।

बता दें, अतुल ने आत्महत्या से पहले 1 घंटे 23 मिनट का वीडियो और 24 पेज का सुसाइड नोट जारी करके अपनी पत्नी और उसके परिवार वालों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने अपनी पत्‍नी पर मामले को निपटाने के लिए तीन करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया था।

–आईएएनएस

एफजेड/सीबीटी

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