नांदेड़ मामले में कोर्ट का फैसला कांग्रेस के गाल पर तमाचा : विनोद बंसल

मुंबई, 4 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 2006 में हुए विस्फोट मामले में महाराष्ट्र की निचली अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले को विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कांग्रेस के गाल पर तमाचा बताया और कहा कि उनके पाप उजागर हुए हैं।

नांदेड़ बम ब्लास्ट के इतने सालों बाद कोर्ट का निर्णय आ गया है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जिन 10 हिंदुओं को फ्रेम करने की कोशिश की थी, उसकी कलई खुल गई। कोर्ट ने आज जो निर्णय लिया है, वो कांग्रेस के गाल पर एक करारा तमाचा है। उन्होंने हिंदू और भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़ी थी। आज पूरा कांग्रेसी कुनबा बेनकाब हो गया है। अब इस निर्णय पर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने हिंदुओं को आतंकवाद साबित करने की जो नैरेटिव सेट करने की कोशिश की थी, वो एक महापाप था। जो लोग मारे गए थे, उनको फ्रेम करने के चक्कर में जो वास्तविक अपराधी हैं, वो बचकर निकल गए। हिंदुओं को अपराधी साबित करने के चक्कर में वास्तविक अपराध बच गए।

भारतीय जनता पार्टी के विधायक अतुल भातखलकर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हिंदू आतंकवाद के नाम पर कई सारे बेगुनाह लोगों को हिरासत में लेकर उनके ऊपर बम ब्लास्ट जैसा संगीन आरोप लगाने का काम तत्कालीन यूपीए सरकार ने किया। कांग्रेस सरकार ने जो षडयंत्र रचा था, आज न्यायालय ने उसको शत प्रतिशत नकारा है, कोर्ट के इस निर्णय का मैं स्वागत करता हूं।

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उल्लेखनीय है कि साल 2006 में नांदेड़ के पाट बंधारे नगर में हुए ब्लास्ट मामले में 18 साल बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एटीएस और सीबीआई के पास आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं थे।

6 अप्रैल 2006 को नरेश राज कोंडवार के घर पर हुए ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हुई थी और चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में राहुल पांडे और उनके साथियों का नाम सामने आया था। इसके अलावा, भागने में मदद करने के आरोप में डॉक्टर उमेश देशपांडे और एडवोकेट मिलिंद एकताटे समेत कुल दस लोगों को आरोपी बनाया गया था।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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