जमीन का फर्जी कागजात बनाने को लेकर चास के पूर्व सीओ सहित 4 कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंन्सी 12ता०बोकारो। चास अंचल के हैसाबातू मौजा की एक जमीन को लेकर चास अंचल के पूर्व सीओ दिलीप कुमार तथा 2 राजस्व कर्मचारियों सहित 6 लोगों पर बोकारो न्यायालय के निर्देश पर बालीडीह थाना में किया गया है एफआईआर दर्ज।
क्या है मामला : मखदुमपुर निवासी मो० अकबर ने बोकारो न्यायालय में परिवाद दायर किया था. जिसके बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। मो० अकबर के अनुसार उनके बहनोई ने हैसाबातू मौजा में एक जमीन पर बना हुआ मकान खरीदा था. उसकी देखभाल का जिम्मा देकर विदेश काम करने चले गए. इस बीच मो. खुर्शीद, अयूब अंसारी, मुस्तकीम अंसारी और लाल बाबू अंसारी ने चास अंचल के कर्मचारियों से मिलकर उस जमीन का फर्जी कागजात बनाकर ऑनलाइन रसीद भी कटवा ली. और जबरन कब्जा कर चाहरदीवारी के गेट पर ताला जड़ दिया। जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई, तो अंचल जाकर मामले की जांच के लिए गुहार लगाते हुए आवेदन दिया. लेकिन उनके आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों सहित थाना का चक्कर काटते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई और तब तक उन्हे आरोपियों द्वारा लगातार धमकी और घर छोड़ने के एवज में 5 लाख रूपया देने का डिमांड किया गया था। लेकिन हिम्मत ना हारते हुए अपनी जंग जारी रखी और चहारदिवारी का गेट पर लगाया गया ताला सालो तक लटका रहा। फिर सूचना के अधिकार के तहत जमीन के कागजात की मांग की, तो मालुम चला कि जमीन संबंधी कोई दस्तावेज उनके पास नहीं है. इस खेल में चास के पुर्व सीओ दिलीप कुमांर, राजस्व कर्मचारी मुक्तेश्वर रजक, राजस्व कर्मचारी अंजू रानी, सेवानिवृत्त राजस्व कर्मचारी विनोद शर्मा और अंचल के प्रधान लिपिक मिथलेश पाठक की मिलीभगत से हेराफेरी की गई है जिस कारण फर्जी कागजात की बदौलत दबंगों ने उनकी जमीन पर बने चहारदीवारी के गेट पर ताला लगा दिया था। जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।










