राज्यपाल पदक से नवाजे जाएंगे बोकारो के एएसआई नौशाद अली

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : झारखंड राज्यपाल पदक से सम्मानित किए जाएंगे
बोकारो जिला बल में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) नौशाद अली। उनकी उत्कृष्ट कार्य और विशिष्ट सेवा के लिए झारखंड के राज्यपाल सम्मानित करेंगे।
झारखंड सरकार ने प्रदेश के पुलिस बल में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करने की पहल की है. इसी पहल में बोकारो जिले से नौशाद अली का चयन किया गया है। इस खबर के बाद बोकारो पुलिस महकमे खुशी कि लहर हैं. वही पुलिस बल के लिए गौरवान्वित क्षण और सम्मान से जिले का मान बढ़ाया है। खास बातचीत में ASI नौशाद अली ने कहा कि राज्यपाल पदक मिलने की खबर सुनकर वह गौरवान्वित और खुशी महसूस कर रहे हैं यह सम्मान
सीनियर पुलिस, सहयोगी,उनके परिवार के सहयोग कारण हो पाया है।
बता दें कि विशिष्ट सेवा सम्मान उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने पिछले 20 वर्षों की सेवा के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, अपराधिक रिकॉर्ड, सजा या शिकायत का सामना नहीं किया हो, और जिनकी सेवा को सराहनीय माना गया हो. ऐसे में एएसआई नौशाद अली का चयन इसी मानक के आधार पर हुआ है. नौशाद अली को इससे पूर्व भी कई उत्कृष्ट कामों के लिए सम्मानित किया गया है. जैसे वर्ष 2017 में उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा मुख्यमंत्री पदक प्रदान किया गया था और साल 2018 में उन्हें भारत सरकार द्वारा “आंतरिक सुरक्षा पदक” से भी नवाजा गया है। नौशाद अली वर्ष 2004 बैच के पुलिसकर्मी हैं उन्होंने हजारीबाग गृह जिला से अपनी स्कूली शिक्षा संत कोलंबस मिशनरी स्कूल हजारीबाग से पूरी की इसके बाद उन्होंने आनंदा कॉलेज हजारीबाग से स्नातक किया, इसके अलावा वह शुरू से ही क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं और जिला स्तर के कई क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और पुलिस सेवा के साथ-साथ वह लंबे समय से सोशल मीडिया पर युवाओं को ट्रैफिक नियम से जुड़े जागरुक करते आए हैं। साल 2004 में उन्होंने कठिन फिजिकल और लिखित परीक्षा पास कर पुलिस सेवा के लिए चयनित हुए और लगातार 12 वर्षों तक (2004 से 2015) उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्र चतरा में सेवा दी, जहां कई बार नक्सली मुठभेड़ों और खतरनाक ऑपरेशनों का हिस्सा बने.पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर उन्होंने बताया कि वह एक साधारण परिवार से आते हैं उनके पिता मोहम्मद नसीम एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे, जबकि माता सज्जाद एक गृहिणी हैं. वहीं पुलिस सेवा में आने की प्रेरणा उन्हें मैदान में सीनियर लडको को अभ्यास करते हुए मिली जिसके बाद उन्होंने भी पुलिस सेवा में आने का मन बनाया। जनता और पुलिस के संबंधों पर उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार न्यायपूर्ण और संवेदनशील होना चाहिए. जब हम जनता को सम्मान और न्याय देते हैं. तब पुलिस और समाज के बीच एक भरोसेमंद रिश्ता बनता है।

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