प्रदेश के 74 जनपदों हेतु विधिक सेवा प्रचार वाहनों एवं राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन का भव्य शुभारम्भ

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, खंड पीठ लखनऊ के चीफ जस्टिस पोर्टिको में प्रदेश के 74 जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए मल्टी यूटिलिटी वाहनों के फ्लैग-ऑफ समारोह और राज्य मध्यस्थता हेल्पलाइन के शुभारंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह पहल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विधिक जागरूकता पहुँचाने और विवादों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगी।

उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री पंकज मित्तल, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, माननीय न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, दिल्ली, माननीय न्यायमूर्ति श्री. चंद्रशेखर, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, बॉम्बे, न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी, वरिष्ठ न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय तथा अन्य न्यायमूर्तिगण ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शासन तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, प्रदेश के प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक जागरूकता हेतु विशेष प्रचार वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों का मुख्य उद्देश्य जनपद के अत्यंत पिछड़े एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक विधिक सेवा गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना है। इन वाहनों के माध्यम से निःशुल्क विधिक सेवाओं तथा विभिन्न जनकल्याणकारी शासकीय योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाई जाएगी। इस परियोजना हेतु वित्तीय प्रबंध राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा किया गया है।

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इस महत्वपूर्ण अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की “मध्यस्थता हेल्पलाइन” 1800-180-1212 का भी विधिवत शुभारंभ किया गया। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आम जनमानस अपने विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया के संबंध में निःशुल्क परामर्श एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यह डिजिटल पहल वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा न्याय की प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं सुलभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनु कलिया, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। उनके कुशल संचालन और विषय पर गहरी पकड़ ने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत व्यवस्थित और गरिमापूर्ण बनाए रखा। डॉ. कलिया द्वारा प्रस्तुत की गई रूपरेखा और उनके प्रखर संबोधन की उपस्थित अतिथियों द्वारा मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई। उनके नेतृत्व में आयोजन की सूक्ष्म बारीकियों और समन्वय ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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