विश्व युवा कौशल दिवस पर योगी सरकार का युवा शक्ति को सम्मान

मीडिया हाउस लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योगी सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग तथा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय समारोह ‘कौशल से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सम्मान’ का भव्य आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया, ‘कौशलम’ पुस्तिका का विमोचन किया तथा विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का अवलोकन किया। इस अवसर पर विभाग द्वारा प्रशिक्षित 11 युवाओं को मुख्यमंत्री के कर-कमलों से सम्मानित किया गया। आईटीआई अलीगंज लखनऊ के प्रशिक्षार्थियों द्वारा निर्मित स्मृति चिह्न मुख्यमंत्री को भेंट किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का दिन है। पूरी दुनिया देख रही है कि उत्तर प्रदेश में कैसे प्रशासनिक व्यवस्था, शासन, गुंडागर्दी का खात्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर, 24 घंटे बिजली और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का मॉडल बना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी देश-विदेश में बोलते हैं, स्किल की बात जरूर करते हैं। स्किल केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विभाग सेल्फ हेल्प ग्रुप की बहनों और युवाओं के उत्पादों को बाजार दिला रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने मन की बात में गोबर से बने गणेश जी का उल्लेख किया था, ऐसे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना विभाग की प्राथमिकता है।

बिना अनुमति न हो खनन,खान सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी-उप निदेशक

मंत्री अग्रवाल ने योगी सरकार की उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण, जिसमें 12.50 लाख को रोजगार मिला। 2026-27 में 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण का लक्ष्य है । प्रदेश में लगभग 94 लाख MSME इकाइयों की मैपिंग कर उनकी डिमांड के अनुसार प्रशिक्षण दिया गया है। योगी सरकार ने विभाग का बजट 9 गुना बढ़ाकर 3310 करोड़ रुपये किया है।टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ रुपये का CSR MoU, जिससे 225 आईटीआई को नई तकनीक से अपग्रेड किया गया है। भारत सरकार द्वारा PM सेतु के तहत 50,000 करोड़ रुपये का बजट, जिसका लाभ यूपी को भी मिल रहा है। पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार, जिसमें 14,00,992 युवा अकेले UPSDM के माध्यम से समायोजित हुए। प्रदेश में 330 से अधिक राजकीय और लगभग 3000 निजी आईटीआई के माध्यम से हर साल 3.5 से 4 लाख प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। फ्लेक्स सिस्टम के तहत रेमंड, टाटा सहित कई कंपनियों के साथ MoU हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, IoT, इलेक्ट्रिक व्हीकल, 3D प्रिंटिंग, एडवांस CNC, ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर तैयार, जिसमें युवा अपना बायोडाटा अपलोड करेंगे और कंपनी खुद उन्हें कॉल करेगी, ताकि युवाओं को धक्के न खाने पड़ें। आने वाले 5 वर्षों में सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ड्रोन, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इकोनॉमी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली बच्चों और अटल आवासीय विद्यालय के बच्चों को स्किल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जीरो पॉवर्टी योजना के तहत निर्धन परिवारों के युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रोजगार अभियान। चलाया जा रहा है। कौशल दिशा ऑनलाइन पोर्टल, कौशल दर्पण, कौशल दृष्टि, कौशल कॉल सेंटर और 24 घंटे कौशल दोस्त चैटबॉट जैसे डिजिटल नवाचार किए गए हैं।

इंडिया इंटरनेशनल ऑप्टिक्स फेयर प्रदर्शनी मेले उद्घाटन

कार्यक्रम में विभाग की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। फिल्म में बताया गया कि भारत में पहली बार स्किल डेवलपमेंट के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के बेहतरीन माहौल का सबसे अधिक लाभ कौशल विकास से जुड़े युवाओं को मिला है।

युवाओं ने साझा किए अनुभव :

कृष्ण कुमार साहू (आईटीआई, उन्नाव) : एनसीएल कोल इंडिया में लगभग 1 लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी कर रहे हैं।

भावना दुबे (आईटीआई फैशन डिजाइनिंग) : स्वरोजगार से 70 हजार रुपये से अधिक कमा रही हैं। कहा – ‘हुनर है तो कहीं भी सर्वाइव कर जाओगे’।

ज्ञान प्रकाश वर्मा (IToT लखनऊ) : हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू किया, जो AI तकनीक से महिलाओं के स्वास्थ्य पर काम कर रहा है। कई युवाओं को रोजगार दिया।

राजरानी (बरेली) : प्रशिक्षण प्राप्त कर 27 हजार रुपए की जॉब कर रही हूं और आज माँ का इलाज और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

शुभ्रा विश्वास (IToT लखनऊ) : कहा – आईटीआई में परिवार जैसा माहौल मिला। आज 5 लाख रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं और 70 हजार रुपये तक सैलरी पर युवाओं को रोजगार दे रही हैं।

11 युवा आइकॉन का सम्मान

मुख्यमंत्री ने जिन 11 युवाओं को सम्मानित किया, उनमें शीतल कुमारी (25,000 रु. वेतन), हमीरपुर से नेहा, गाजीपुर से फर्दीन खान, लखनऊ से मोहम्मद बिलाल, बरेली से राजरानी, IToT लखनऊ से वर्तिका गुप्ता (स्वरोजगार से 70,000 रु.), लखनऊ से अर्जुन पाल (स्वरोजगार से 1 लाख रु.), गौतमबुद्धनगर से संगीता वर्मा (स्वरोजगार से 2 लाख रु.), लखनऊ से शिवांग वर्मा, चंदौली से राजीव विश्वकर्मा और सुल्तानपुर से विनीता रहे।

‘कौशलम’ पुस्तिका का विमोचन
इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘कौशलम’ का विमोचन कराया गया। इस पुस्तिका में केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष और प्रदेश सरकार द्वारा सभी जनपदों में किए गए कार्यों का संकलन है।

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