सशक्त स्थाई समिति की बैठकों मे चर्चा और जांच में बीते 11 माह में करीब दस करोड़ की संगठित लूट उजागर:गरिमा

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 19ता. बेतिया। चालू माह के 11, 12 और 18 तारीख को संपन्न नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति की बैठकों मे व्यापक चर्चा और विचार के बाद नगर निगम के सरकारी खाते से बीते 11 माह में करीब पांच करोड़ के दोहरे भुगतान की सफाई एजेंसी पाथ्या से वापस कटौती का निर्णय सर्व सहमति से लिया गया। इसके साथ ही हजारी ट्रांसफर स्टेशन में पूर्ववर्ती नगर परिषद और बाद में नगर निगम द्वारा करीब दो दशक से जमा हुए हजारों मिट्रिक टन कचरे को आउट सोर्सिंग सफाई एजेंसी पाथ्या द्वारा उठाव करके उसका भी वजन कराके 1560 रूपये प्रति टन की दर से इसका भी भुगतान निगम से लेकर लेना करोड़ों की सरकारी राशि का लूट माना गया। तीनों दिन की बैठकों में चर्चा के दौरान सर्व सहमति यह भी स्वीकार किया गया की निगम के अपने लगभग सात दर्जन सफाई वाहन सरकारी दर से काफी कम यानी महज एक सौ रुपया प्रतिदिन के भाड़े पर वह भी सरकारी मेंटेनेंस के साथ सफाई एजेंसी को मुहैया कराने के एग्रीमेंट को भी सदस्यों ने संगठित लूट करार देते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्णय सर्व सहमति से लिया। नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति के द्वारा सर्व सहमति लिए गए उपरोक्त निर्णय की जानकारी देने के साथ महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने अनेक अन्य चौकाने वाला खुलासा किया। श्रीमती सिकारिया ने इसके अतिरिक्त यह भी बताया कि बोर्ड भंग होने के बाद चुनावी वर्ष में नगर आयुक्त के स्तर से विभागीय नियम प्रावधानों की घोर अनदेखी करके आउटसोर्सिंग वाली सफाई एजेंसी पाथ्या को कार्य देना जो वजन के आधार पर भुगतान ले रही थी और ऐसा भुगतान का तरीका नगर निगम बेतिया के लिए बिल्कुल नया और पहली बार था, उस एजेंसी के साथ निगम द्वारा 11 महीने की जगह सीधे तीन साल और दो साल के लिए अर्थात एक ही बार में पांच साल का एग्रीमेंट वह भी बड़े ऊंचे दर पर कर लेने को सरकारी नियमों के विपरीत किए जाने की बात को नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति के द्वारा सर्व सहमति से स्वीकार किया गया। इसके साथ ही नगर निगम के सरकारी खाते से सुनियोजित षड्यंत्र पूर्वक कुल दस करोड़ से भी ज्यादा की चपत पाथ्या नामक सफाई कंपनी द्वारा लगाए जाने का खुलासा करते हुए महापौर ने बताया एजेंसी से गीला और सूखा कचरा अलग अलग कलेक्शन करने का अनुबंध किया गया था। बावजूद पूरे 11 माह में इसकी अनदेखी किए जाने को सशक्त समिति सदस्यों ने सर्व सहमति लूट की छूट और मिली भगत करार दिया है। श्रीमती सिकारिया ने यह भी बताया कि सफाई एजेंसी द्वारा नगर निगम बोर्ड की 4 मार्च की बैठक में आवंटित मुख्य नाला सफाई कार्य पूर्ण कराए बिना ही पूरा कर दिए जाने का निराधार रिपोर्ट देने को भी सदस्यों ने दंडनीय अपराध माना है। साथ ही महापौर द्वारा बताया गया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी को पूर्ण सफाई का कार्य देने के बाद भी निगम के पास छोड़ दिए गए वाहनों में 12 से 18 लाख प्रतिमाह तक का इंधन का बिल आया है, जिसको पाथ्या एजेंसी के बिल से समायोजन कराने की सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई है। साथ ही महापौर द्वारा बताया गया कि दो करोड़ रुपए प्रतिमाह की राशि के भुगतान से जुड़े हजारों टन कचरा तौल वाले धर्म कांटे पर बिना किसी पदाधिकारी के सिर्फ एक या दो कर्मचारी की निगरानी में वजन होने को भी घोर प्रशासनिक लापरवाही और एजेंसी से मिलीभगत वाला करार दिया गया है। जांच के क्रम में यह भी पाया गया कि सभी 46 वार्डों में जो 46 ई-रिक्शा सफाई वाहन दिया गया था, उसकी चार्जिंग या तो पार्षद के यहां या निगम में होती थी, परंतु कार्य पाथ्या एजेंसी ले रही थी, उन 46 ई रिक्शा का किराया और चार्जिंग की कोई कटौती एजेंसी के बिल से नहीं हो रही थी। महापौर सिकारिया ने यह भी बताया कि पूर्व से मानव बल की गणना के आधार पर आउटसोर्सिंग एजेंसी को भुगतान होता आ रहा था परंतु नगर आयुक्त शंभू कुमार द्वारा नई एजेंसी पाथ्या जो वजन के आधार पर भुगतान ले रही है, अनुपात में काफी अत्यधिक खर्चीली है। पूर्व के मानव बल के भुगतान की तुलना में अभी के कचरा तौल भुगतान से बढे वित्तीय भार का एक तुलनात्मक चार्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। श्रीमती सिकारिया ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं की वार्डों से कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। इसकी भी कारण पृच्छा की गई है कि किस प्रकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वार्डों से हटा कर कर्मी कम किया जा रहे हैं। महापौर ने बताया कि इन सभी वित्तीय अनियमितताओं के समायोजन तक एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाई जाती है। साथ ही कचरे का वजन हो रहे प्राइवेट धर्म कांटे पर पूर्व के कर्मचारी को हटाकर पर्वेक्षक पदाधिकारी सहित छह कर्मचारी, दो प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड एवं नाइट विजन सीसीटीवी कैमरा तत्काल प्रभाव से स्थापित किया जाए एवं एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार अपना धर्म कांटा भी तुरंत लगाया जाए। साथ ही घरदान पोखरा स्थित सामुदायिक भवन जनहित के कार्यों को छोड़कर एजेंसी द्वारा अपने कार्यालय के उपयोग में लाया जा रहा है, उसकी अभी तक की किराए का भुगतान पाथ्या एजेंसी के बिल से वसूल करने के साथ सामुदायिक भवन को जनहित के कार्यों के लिए खाली करने का निर्णय लिया गया। श्रीमती सिकारिया ने बताया कि तीन दिन क़ी बैठक में संगठित लूट और भ्रष्टाचार पर रोक के अनेक अन्य निर्णय सर्वसहमति से किए गए हैं।

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