भारत ने फिर की इराक की मदद, कुर्दिस्तान क्षेत्र के लिए भेजी मानवीय सहायता

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारत ने सोमवार को इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए ब्रोन्कोडायलेटर, इनहेलर्स और वेंटिलेटर की एक खेप भेजी।

यह सहायता भारत की जन-केंद्रित विदेश नीति को दर्शाती है, जो ‘विश्वबंधु भारत’ की अवधारणा के तहत वैश्विक मित्रता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछले एक दशक में, भारत ने इराक की राहत और आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए कई बार मदद की है। इस मदद को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत भी भेजा गया है। भारत ने हमेशा इराक की तत्काल जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की है, और यही वजह है कि भारत को इराक में एक विश्वसनीय और स्थिर सहयोगी के रूप में देखा जाता है।

भारत ने इराक के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए 2016 में कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में अपना वाणिज्य दूतावास खोला। इसके बाद से भारत और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के बीच व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं। कई भारतीय कंपनियों ने एरबिल और सुलेमानिया में आयोजित व्यापार मेलों और आर्थिक प्रदर्शनियों में भाग लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ा है।

कुर्दिस्तान क्षेत्र में भारतीय कामकाजी समुदाय भी लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में भारतीय कामगारों की संख्या इस्पात मिलों, तेल कंपनियों और निर्माण परियोजनाओं में अधिक हो रही है, क्योंकि यहां काम करने की बेहतर स्थितियां और बेहतर वेतन की पेशकश की जा रही है। कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवन बरज़ानी ने भारत के साथ अपने रिश्तों को और गहरा करने की इच्छा जताई है। उन्होंने भारतीय श्रमिकों को एक “प्रतिबद्ध और पेशेवर कामकाजी समुदाय” के रूप में सराहा है, जो इस क्षेत्र में आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं।

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फरवरी 2022 में, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवन बरज़ानी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, बैंकिंग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। भारत ने इस दौरान कुर्दिस्तान क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अपनी योजनाओं का आश्वासन दिया था।

–आईएएनएस

पीएसएम/एमके

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