एक लाख दीदियों को हर माह प्रशिक्षण दिया जाय-केशव प्रसाद मौर्य

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी लखनऊ-उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियो को निर्देश दिये है कि ग्राम्य विकास विभाग की सभी कार्य योजना पर ठोस, प्रभावी व त्वरित गति से कार्यवाही की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन मे तेजी लायी जाय। कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। योजनाओं को अमलीजामा पहनाने मे कोई कोर कसर बाकी न रखी जाय। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव व गरीब का विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांव मे जलनिकासी के पुख्ता प्रबन्ध किये जांय। गांवो की गलिया ग्रामीणों का हाइवे है, उन्हे व्यवस्थित व ठीक रखा जाय, गांवो मे अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया जाय। केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक मे ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होने निर्देश दिये कि जहां कार्ययोजना न बनी हो, तत्काल कार्य योजना बनायी जाय,मनरेगा के अंतर्गत जो भुगतान अवशेष हों, उनको प्राथमिकता के आधार पर भुगतान की कार्रवाई बजट के अनुरूप किया जाय।प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य के बारे में भारत सरकार को पत्र भेजा जाय। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि स्वयं सहायता स्वयं सहायता समूह की 1 लाख दीदियो को प्रतिमाह ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से ग्राम्य विकास संस्थान मे दी जाय। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ट्रेनिंग लेने वाली महिलाओं के नाम व विवरण सहित सूची राज्य ग्राम विकास संस्थान को तत्काल भेजी जाए तथा ट्रेनिंग के कैलेंडर के अनुरूप ट्रेनिंग दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

ट्रेनिंग के भुगतान के बारे में निर्देश दिये कि राज्य ग्राम्य विकास संस्थान व यूपी एस आर एल एम के उच्चाधिकारी बैठक करके नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करें। ट्रेनिंग का कैलेंडर हर हाल में जारी किया जाए। इसके लिए सख्त दिशा निर्देश दिये जांय, लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाय और सूची की प्रति उप मुख्यमंत्री जी को भी उपलब्ध करायी जाय।अन्य जिन विभागों की ट्रेनिंग ग्राम्य विकास संस्थानों में दी जाती है, उसका भी विवरण उपलब्ध कराया जाय।

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उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकास खण्डो के आवासीय व अनावासीय भवनो के निर्माण के संबंध में 15 दिन के अंदर प्रस्ताव मंगाये जांए। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए की ग्राम चौपालों को पूरे व्यवस्थित तरीके से ठोस व प्रभावी रणनीति बनाकर प्रभावी तरीके से आयोजित की जांय, इसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किये जांए तथा जिलो के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की जाए। प्राप्त प्रकरणो का निस्तारण समय से किया जाए।चौपालों के रोस्टर की कॉपी जनप्रतिनिधियों को हर हाल मे दी जाय। ग्राम चौपाल समाधान दिवस की तर्ज पर आयोजित किया जांय,। इसके लिए एक पोर्टल बनवाया जाए और उसकी लांचिंग कराई जाए, पोर्टल में आवेदक को भी उसकी समस्या के निस्तारण के बारे में जानकारी दिये जाने व्यवस्था की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये खंड विकास अधिकारी के पद का चार्ज देने विषयक शासनादेश का अक्षरश:अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम्य विकास विभाग में विभिन्न जांचो के जो प्रकरण लम्बित हैं, उनको तुरंत निस्तारित किया जाय,। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातो को पूरी गम्भीरता से सुने, निस्तारण योग्य प्रकरणो का निस्तारण करे, जो प्रकरण उनके स्तर से निस्तारित नही हो सकते, उसके बारे मे जनप्रतिनिधियो को संतुष्ट करते हुये अवगत कराया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन नये समूहो के गठन की कार्रवाई तेज करें और निष्क्रिय समूहों को तत्काल सक्रिय करने की प्रभावी कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया जाय महिला सामर्थ योजना के तहत कार्यों में और तेजी लाई जाय। बैठको की कार्यवृत्ति समय से भेजी जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा सभी मंडलों में सरस मेले आयोजित किये जांए, उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिलो के ग्राम्य विकास संस्थानो की स्थिति का आकलन करने के लिए मुख्यालय से टीम बनाकर भेजी जाए और समय से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाय।  बैठक मे राज्यमन्त्री ग्राम्य विकास विभाग विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, यूपी आर आर डी ए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी, विशेष सचिव ग्राम्य विकास विभाग जयनाथ यादव, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे

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