पटना सिविल कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रेम संबंध में यौन संबंध स्थापित करना दुष्‍कर्म की श्रेणी में नहीं आ सकता

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 13ता.पटना (आईएएनएस)। पटना सिविल कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रेम संबंध में यौन संबंध स्थापित करना दुष्‍कर्म की श्रेणी में नहीं आ सकता। यह बात पटना सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संगम सिंह ने पिछले आठ वर्षों से चल रहे दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई के दौरान कही।उन्होंने सबूतों के अभाव में आरोपी को दुष्‍कर्म के आरोप से बरी कर दिया। एक फैसले में न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि पीड़िता बालिग थी और उसका आरोपी विपिन कुमार उर्फ ​​विपिन लाल के साथ प्रेम संबंध था और यह अदालत में साबित हो चुका है कि उन्होंने सहमति से शारीरिक संबंध स्थापित किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि शिकायतकर्ता का आरोपी के साथ वित्तीय विवाद था, जिसके बाद उसने पुलिस में दुष्‍कर्म की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, वह अदालत में सबूत पेश करने में विफल रही।शिकायतकर्ता ने 2015 में पटना जिले के अथमल गोला पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। जिला पुलिस ने पटना सिविल कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष विपिन कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले पर संज्ञान लिया था और मामले को पटना सिविल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को स्थानांतरित कर दिया था।

जिलाधिकारी के जनता दरबार में 80 मामलों की हुई सुनवाई।कई मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट समाधान

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