अंधेर नगरी चौपट राजा,अधिकारी मजदूरो का पेट काट लें रहे है पीआरपी का मजा : राजेंद्र सिंह

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ सम्बद्ध हिन्द मजदूर सभा द्वारा आहुत सेल/ बोकारो इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस, कोक-ओवन तथा ट्रैफिक विभाग में एक साथ  05/09/2025 के पूर्ण हड़ताल के समर्थन में ब्लास्ट फर्नेस नंबर 03 ट्रैफिक स्टेशन पर ब्लास्ट फर्नेस तथा ट्रैफिक विभाग की संयुक्त विशाल सभा हुई। सभा में हड़ताल की प्रतिबद्धता के साथ दोनो विभागो के मजदूर भारी संख्या में उपस्थित रहे। सभा को सम्बोधित करते हुए संघ के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमलोग भलीभाँति जानते हैं कि मजदूरो का पेमेंट वक्त के साथ बढ़ता है,मगर बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन का प्रबंध देखिये यहाँ तनख्वाह बढ़ने के बजाय घटता है। पूर्व में जहाँ आज की तुलना में कम उत्पादन के बावजूद अमूमन ₹ 6000/= इन्सेंटिव रिवॉर्ड मिलता था, वहीं आज रिकार्ड उत्पादन के बाद भी इन्सेंटिव रिवॉर्ड मात्र ₹700/= से ₹1000/= हीं मिलता है।मजदूर खून पसीना झोंक कर सर्वोत्तम उत्पादन करते हैं वहीं ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ के अधिकारी मजदूरो का पेट काट पी.आर.पी. का मजा ले रहें हैं। ऐसा नहीं है कि पूरे सेल में ऐसी हीं व्यवस्था है यह सिर्फ बोकारो के मानव संसाधन विभाग की कड़ी मेहनत का नतीजा है।मजदूर हड़ताल ना करें तो करें क्या? रही बात ठेका मजदूरो की तो आपको अंग्रेजी शासन की गुलामी और दासता देखनी है तो बोकारो स्टील प्लांट के ठेका मजदूरो का जीवन देखिये, जो आपने इतिहास में पढ़ा है यहाँ प्रत्यक्ष है।आई एस ओ प्रमाणित महारत्ना के ठेका मजदूर आज भी बिना साप्ताहिक छुट्टी ₹350/= में काम करने को मजबूर हैं और भ्रष्ट अधिकारी ‘ऑल इज वेल’ की बंशी बजा रहें हैं।ईएसआईसी की सीमा से बाहर हो चुके मजदूर और उनके परिजन ईलाज के बिना तड़प-तड़प कर जान गँवा रहे हैं और इनके हीं गाढी कमाई से ये फाईव स्टार का आनंद ले रहे हैं। ना आवास की व्यवस्था ना हीं बच्चो की शिक्षा का प्रबंध।ठेका मजदूरो के ग्रेच्युटी, प्रमोशन तथा नाइट शिफ्ट एलाउंस पर तो ये चर्चा के लिये भी तैयार नहीं हैं। सुरक्षा तो सिर्फ नारो और कागजो तक हीं सीमित है। सुरक्षा के अभाव में आये दिन मजदूर मर रहें हैं और यहाँ सुरक्षा के नाम पर करोड़ो का टेंडर कर प्लान्ट को लूटा जा रहा है।अभी पिछले हफ्ते हीं यहीं बगल में ठेका मजदूर विनय कुमार की कार्य दुर्घटना में जलकर मृत्यु हो गई। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग 2000 डिग्री टेंपरेचर में भी यहाँ के मजदूर बिना एफ.आर (फायर रेसिस्टेटेंट) सूट के काम करने को मजबूर हैं।ये दुर्घटना नहीं हत्या है।बदले में इन्होंने व्यवस्था सुधार के लिये कुछ भी नहीं किया सिर्फ दो महाप्रबंधक को निलंबित कर अपना पल्ला झाड़ लिया।संसाधनो के अभाव में मजदूरो की सुरक्षा भगवान भरोसे हीं है। निम्नतम सुरक्षा ,सर्वोत्तम उत्पादन का जीता जागता सबूत बोकारो स्टील प्लांट है। अब बहुत हुआ अब मजदूर आर -पार की लड़ाई को मजबूर हैं।अगर कल यानि 03 सितम्बर को माननीय सहायक श्रमायुक्त के समक्ष वार्ता विफल होती है,मजदूरो को उनके हक का पाई-पाई देने से प्रबंधन मुकरता है तो 05 सितम्बर को कोक-ओवन, ब्लास्ट फर्नेस और ट्रैफिक डिपार्टमेंट पूरी तरह से ठप्प रहेगा।सभा को श्री सिंह के अलावे विपिन कुमार, सुभाष चंद्र कुंभकार,शशिभूषण, अम्बेदकर,मो इरफान, बासुदेव कुम्भकार,उत्तम मिश्रा,प्रमोद कुमार, मनोज कुमार,मो शकील,महानन्द,दुर्गेश कुमार,विनोद शाव,राहुल आदि ने सम्बोधित किया।

यह एक टेलर है झांकी अभी बाकी है: आदिवासी 

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