मनरेगा योजनांतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर, गुणवत्ता की जांच की जाए,

Media House लखनऊ-उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा कार्यों में प्रयुक्त सामग्री उच्च क्वालिटी की होनी चाहिए। निर्माण कार्यों में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच हर हाल में की जाए। मुख्य विकास अधिकारी व स्टेट क्वालिटी मैनेजर इस सम्बन्ध में पूरी सजगता व नियम संगत कार्य करें। कहीं पर भी अनियमितता या गड़बड़ी पायी जाय, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाय।

समस्त मुख्य विकास अधिकारी/ अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों को पूर्व में ही जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि मनरेगा योजनान्तर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन परिसम्पत्तियों की गुणवत्ता पूर्वक जांच हेतु प्रदेश में स्टेट क्वॉलिटी मॉनीटर हैं। कार्यों में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण हेतु शासन स्तर से शासनादेश पूर्व में निर्गत किया गया है।मुख्य विकास अधिकारियों को पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि इस सम्बन्ध में जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। इस सम्बन्ध में समस्त परियोजना निदेशक / उपायुक्त (श्रम रोजगार) व उपायुक्त, मनरेगा ग्राम्य विकास को भी नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी दे दें कि मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन परिसंपत्तियों की जांच हेतु प्रदेश के मण्डलों में स्टेट क्वालिटी मॉनीटर (SQM) तैनात हैं। जो मनरेगा योजनांतर्गत हो रहे कार्यों की निगरानी करते हैं। प्रत्येक कार्य की निगरानी 2 चरणों में किये जाने का प्राविधान है यानि निर्माण के दौरान और निर्माण कार्य पूरा होने के पश्चात। वे कार्यों के लिए सुधारात्मक सलाह और सुझाव देते हैं जिसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है।

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