शराब और शीश महल के कॉम्बिनेशन ने दिल्ली को कर दिया खोखला : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बस मार्शलों की नियुक्ति को लेकर शनिवार को भाजपा और आप मंत्रियों के बीच खींचतान देखने को मिली। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसको आम आदमी पार्टी का सियासी ड्रामा बताया।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि “सचिवालय के अंदर अंदर बस मार्शल को लेकर आप नेताओं द्वारा किया गया तमाशा निंदनीय है। सबको पता है कि बस मार्शलों को अरविंद केजरीवाल ने निकाला था, लेकिन चुनाव के नजदीक आते ही पार्टी को अब जनता की याद आ रही है। हमारे विधायक दल के नेता ने मुख्यमंत्री से बात करके उनसे समय मांगा था कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाना चाहिए, लेकिन मुख्‍यमंत्री हमारे विधायकों से मिलने से डर रही हैं।

उन्होंने कहा कि हंगामा करने के लिए पूरी स्क्रिप्ट लिखी हुई थी। अगर, इनकी नियत अच्छी होती तो बस मार्शल के मुद्दे पर ये संवेदनशीलता दिखाते। हमे पता था कि ऐसा ड्रामा होना है, इसलिए उपराज्यपाल से निवेदन किया था कि मार्शलों की समस्या को सुनकर समाधान निकालने की आवश्यकता है। मुझे खुशी है कि मार्शलों का एक प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल से मिला और गंभीरता के साथ इस विषय का समाधान निकालने का आश्वासन मिला है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का चरित्र फिर से सबके सामने आ गया है कि ये लोग सिर्फ राजनीतिक नौटंकी करते हैं। चुनाव नजदीक है और उनको पता है कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार पूरी दिल्ली के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। दिल्ली के स्कूलों की हालत, दिल्ली की सड़कें, बिजली के बिल और पानी की समस्या से सभी अवगत हैं। शराब और शीश महल के कॉम्बिनेशन ने दिल्ली को खोखला करने का काम किया है।

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जनता की अदालत लगाने के सवाल पर वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व भ्रष्टाचारी सीएम से पूछना चाहता हूं कि अगर 10 साल तक जनता की आवाज सुनी होती, तो आज विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले जनता की अदालत लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने लोगों से मिलने के लिए शीश महल के दरवाजे बंद रखे। इन्होंने दिल्ली को लूटने का काम किया है। ऐसे में उनके द्वारा की जा रही जनता की अदालत कुछ नहीं, बस अपनी शर्मिंदगी को छुपाने का एक प्रयास है।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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