केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में किसका पलड़ा भारी

नई दिल्ली, 16 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

केदारनाथ विधानसभा सीट भाजपा की झोली में डालने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मोर्चा संभाल रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी लगातार भाजपा पर केदारनाथ की अनदेखी का आरोप लगाकर जनता से कांग्रेस के पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे हैं।

इस सीट पर अब तक तीन बार भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है और दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी विजयी रहे हैं। केदारनाथ विधानसभा सीट भाजपा विधायक शैला रानी रावत के निधन के बाद खाली हुई है। भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों का दावा है कि यह सीट उनकी झोली में जा रही है। भाजपा की टिकट पर आशा नौटियाल मैदान में हैं। उनकी टक्कर कांग्रेस नेता मनोज रावत से है।

साल 2002 में इस सीट पर भाजपा की टिकट पर आशा नौटियाल जीती थीं। अगले चुनाव में 2007 में भाजपा की टिकट पर आशा रानी नौटियाल जीतीं। वहीं, 2012 में कांग्रेस से शैला रानी रावत जीतीं जबकि 2017 में मनोज रावत ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की। साल 2022 में शैला रानी रावत भाजपा के टिकट पर यहां से जीतीं।

केदारनाथ में रोजगार का मुद्दा सबसे अहम है। केदारनाथ की यात्रा भी मुख्य मुद्दों में से एक है क्योंकि यहां के लोगों के लिए यह रोजगार का जरिया भी है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को यहां चुनावी सभा की। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन साल से निरंतर केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है जिससे क्षेत्र में करोड़ों का व्यवसाय हुआ है एवं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खुले हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्यों के फलस्वरूप उपचुनाव में यहां की जनता रिकॉर्ड मतों से भाजपा को विजयी बनाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर क्षेत्र और प्रदेश की भावना को आहत करने और विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।

सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस की सोच सनातन संस्कृति के विरोध में रही है। जब-जब उत्तराखंड पर संकट आया, तब कांग्रेस ने केवल राजनीति की और लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य किए गए हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि यहां भाजपा के कुशासन से जनता परेशान है। बीते दो-तीन साल में केदारनाथ और चारधाम यात्रा को भाजपा ने बर्बाद किया है। वहां व्यापार घटा है और लोगों में इसे लेकर काफी नाराजगी है। स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने क्षेत्र के विकास को लेकर और महिलाओं के हितों को लेकर कोई प्रयास नहीं किया है। यहां तक कि प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ने के बावजूद वह चुप रही हैं और इस पर उन्होंने कभी कुछ नहीं बोला है। यहां के लोग सरकार से नाराज हैं और वे कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे।

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–आईएएनएस

डीकेएम/एकेजे

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