एसआईईटी को मिली नई पहचान, नई उड़ान के साथ शिक्षा और तकनीक के संतुलन पर जोर

मीडिया हाउस लखनऊ – राज्य शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (एसआईईटी), निशातगंज, लखनऊ में बुधवार को ‘नई पहचान, नई उड़ान’ थीम के साथ नवीन लोगो का अनावरण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने की।

इस अवसर पर डॉ. मुकेश चंद्र ने कहा कि राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान को बच्चों और शिक्षकों के लिए कार्य करना है। वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी और मोरालिटी के बीच संतुलन स्थापित करना जरूरी है। बच्चों के लिए किताबों का समय बढ़ाने और स्क्रीन टाइम कम करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। बच्चों को स्क्रीन का सकारात्मक उपयोग करना सीखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे स्क्रीन पर उतना ही समय दें, जितना उनके लिए आवश्यक है। बच्चों को तकनीक के सही उपयोग के साथ नैतिक मूल्यों से जोड़े रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम का समापन प्रशासनिक अधिकारी अजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया। इस अवसर पर योगेश कुमार, एडीसीपी कानपुर, सुधीर कुमार, वरिष्ठ विशेषज्ञ, समग्र शिक्षा परियोजना, लखनऊ, संस्थान का समस्त स्टाफ और मीडिया टीम उपस्थित रही।

नवीन लोगो में नीले रंग का वृत्त विश्वास और तकनीक, श्वेत कबूतर और पुस्तक शांति एवं ज्ञान के प्रसार, प्ले बटन डिजिटल लर्निंग और ई-कंटेंट तथा सैटेलाइट डिश सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच और एजुसैट प्रसारण का प्रतीक है। यह लोगो परंपरागत शिक्षा को आधुनिक प्रौद्योगिकी से जोड़ने के एसआईईटी के संकल्प को दर्शाता है। कार्यक्रम के आमंत्रण पर अंकित राजकीय चिन्ह में दो मछलियां अवध की समृद्धि और गंगा-यमुना संस्कृति, जबकि धनुष-बाण मर्यादा, शौर्य और न्याय का प्रतीक है। ‘शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश’ का अंकन एसआईईटी की संस्थागत भूमिका को दर्शाता है।

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