सूडान में 5 साल से कम उम्र के 32 लाख बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार होंगे : यूएन

संयुक्त राष्ट्र, 11 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने बताया कि सूडान में इस साल पांच वर्ष से कम आयु के लगभग 32 लाख बच्चे गंभीर कुपोषण के शिकार हो सकते हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक नियमित ब्रीफिंग में कहा कि इनमें से 7 लाख से ज्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण से पीड़ित होंगे। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) इसे लेकर चिंतित है।

दुजारिक ने कहा कि सूडान दुनिया के सबसे बड़े बाल विस्थापन संकट का स्थल है, जहां युद्ध के कारण 5 मिलियन बच्चे बेघर हैं। अधिकांश बच्चे केवल अपने शरीर पर पहने कपड़ों के साथ घरों से निकलते हैं और उनकी माताएं अक्सर सुरक्षा, भोजन और बुनियादी आश्रय की तलाश में शिविर तक पहुंचने के लिए कई दिनों तक पैदल चलती हैं, कभी-कभी यह समय 20 दिनों तक हो जाता हैं।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ता जा रहा है, इसके बीच में फंसे परिवार और समुदाय तथा पहुंच से दूर के इलाकों में हिंसा और पीड़ा का दंश झेलना जारी है। दूर दराज के इलाकों में पर्याप्त भोजन और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच आसान नहीं होती। जिससे मृत्यु का रिस्क बढ़ रहा है।

दुजारिक ने कहा कि मानवीय भागीदारों के साथ काम करते हुए यूनिसेफ सुरक्षित और स्वच्छ पानी तथा टीकाकरण, बचपन की बीमारियों के उपचार और कुपोषण से उपजी विषम परिस्थितियों को मैनेज करने और एकीकृत स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है।

अश्विनी-तनिषा ने महिला युगल खिताब बरकरार रखा, सतीश कुमार करुणाकरण पुरुष एकल चैंपियन बने

प्रवक्ता ने संवाददाताओं को याद दिलाया कि विस्थापितों के लिए जमजम, अल सलाम और अबू शौक शिविरों में अकाल की स्थिति मौजूद है।

एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण समिति ने अनुमान लगाया कि इस वर्ष के मध्य तक अल फशर सहित सूडान के पांच अतिरिक्त क्षेत्रों में अकाल फैल सकता है और 17 अन्य क्षेत्रों में जोखिम हो सकता है, जब तक कि तत्काल हस्तक्षेप न किया जाए।

दुजारिक ने कहा कि हमारे और हमारे भागीदारों के लिए मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल और निर्बाध मानवीय पहुंच आवश्यक है। हम सरकारों से अनुरोध करते रहते हैं कि वे वित्त पोषण को प्राथमिकता दें, सुरक्षित राहत मार्ग सुनिश्चित करें, तथा सभी संबंधित पक्षों पर लड़ाई बंद करने का दबाव डालें।

–आईएएनएस

पीएसके/केआर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *