7 दिसंबर से अब तक मणिपुर में टीबी के 400 मामले : राज्यपाल

इंफाल, 28 मार्च (आईएएनएस)। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने गुरुवार को बताया कि पिछले साल 7 दिसंबर को 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान शुरू होने के बाद राज्य के छह जिलों में टीबी के 400 से अधिक नए मामले सामने आए।

राज्यपाल ने कहा कि छह जिलों में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान चलाया गया और करीब एक लाख लोगों की जांच की गई, जिससे 400 से अधिक टीबी के नए मामले सामने आए। दूरदराज के क्षेत्रों में शीघ्र निदान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए ‘निक्षय वाहन’ नामक मोबाइल वाहनों के जरिए घर-घर जाकर जांच की गई।

राज्यपाल ने कहा कि ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत ऐसे व्यक्तियों और संगठनों को नामांकित किया गया है, जिन्होंने पोषण सहायता के माध्यम से टीबी रोगियों की सहायता करने का संकल्प लिया है।

44वें विश्व क्षय रोग दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन यहां राजभवन के दरबार हॉल में किया गया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि भारत और विश्व स्तर पर क्षय रोग एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और वह इस बीमारी के व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव से अवगत हैं। आज आशा का दिन है और टीबी मुक्त भारत पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार 2025 तक टीबी को समाप्त करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का दिन है।

राज्यपाल ने दोहराया कि सरकार निर्धारित समय के भीतर टीबी उन्मूलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आज टीबी उन्मूलन के लिए प्रयासों को दोगुना करने का संकल्प लें ताकि आने वाली पीढ़ियां इस बीमारी से मुक्त दुनिया में रह सकें।

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राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासकों और सहायक कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने आईआरएल प्रयोगशाला को दक्षता प्रमाण पत्र और दिन के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

टीबी उन्मूलन पर एक लघु फिल्म और टीबी से ठीक हुए एक मरीज का विवरण भी दिखाया गया, जिसमें शीघ्र पहचान और उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

आयुक्त-सह-सचिव (स्वास्थ्य) सुमंत सिंह ने कहा कि मणिपुर ने 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो इस खतरनाक बीमारी को खत्म करने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ, न्यूक्लिक एसिड एम्पलीफिकेशन टेस्टिंग (एनएएटी) जैसे परीक्षण के नए और प्रभावी तरीके विकसित किए गए हैं, जो टीबी का पता लगाने में उच्च संवेदनशीलता और विशिष्टता सुनिश्चित करते हैं।

राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि सामुदायिक जुड़ाव और भागीदारी के साथ, टीबी को खत्म करने का अभियान और भी सफल होगा।

–आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

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