दिल्ली में 185 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के रोहिणी में 185 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी। इस संस्थान को प्रधानमंत्री ने “आयुर्वेद की अगली बड़ी छलांग” बताया। उन्होंने इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए शिरकत की।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह संस्थान 2.92 एकड़ में बनेगा और यह पारंपरिक चिकित्सा के साथ नवाचार भी देखने को मिलेगा। यहां पर समग्र उपचार, विशेष क्लीनिक और कौशल विकास के नए अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। इस संस्थान में 100 बिस्तरों वाला एक अनुसंधान अस्पताल होगा, जो आयुर्वेद अनुसंधान को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत में दुनिया की स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की राजधानी बनने की अपार संभावनाएं हैं। वह दिन दूर नहीं, जब ‘मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ दुनिया ‘हील इन इंडिया’ को भी मंत्र के रूप में अपनाएगी।”

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विदेशियों को आयुष उपचार की सुविधा देने के लिए आयुष वीजा की सुविधा शुरू की गई है। इस वीजा से सैकड़ों विदेशी नागरिकों को लाभ मिल चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में आयुष प्रणाली का विस्तार 100 से अधिक देशों में हुआ है और अब भारत में पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित पहला विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) संस्थान भी स्थापित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह नया संस्थान देश में अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि 46 साल बाद रोहिणी में यह संस्थान स्थापित हो रहा है, जो भविष्य में उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करेगा और पारंपरिक चिकित्सा के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा।

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–आईएएनएस

पीएसएम/सीबीटी

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