बीजिंग में भारतीय दूतावास ने मनाया 'वसंत मेला', प्रवासी सदस्य और चीनी अधिकारी भी शामिल

बीजिंग, 22 मार्च (आईएएनएस)। वसंत ऋतु के आगमन के उपलक्ष्य में बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक प्रमुख कार्यक्रम ‘वसंत मेला’ का तीसरा संस्करण शनिवार को बड़ी संख्या में प्रवासी सदस्यों और कई प्रमुख चीनी अधिकारियों की भागीदारी के साथ मनाया गया।

इस भव्य भारतीय समारोह में भारतीय संगीत, नृत्य, भोजन, कला, योग, आयुर्वेद और बच्चों के लिए एक क्षेत्र जैसी सभी चीजें शामिल थीं।

चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने इस अवसर पर उपस्थित होने के लिए चीन में विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिनसोंग और अन्य लोगों को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि वसंत ऋतु नई शुरुआत, मजबूत होते रिश्तों और भारत के सार को अनुभव करने के अवसरों का समय है। शानदार वसंत उत्सव अपने साथ सभी मेहमानों के लिए भारत का एक यादगार अनुभव लेकर आया।

बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, “मुंह में पानी लाने वाले भारतीय व्यंजनों से लेकर बेहतरीन भारतीय उत्पाद, हस्तशिल्प और मेहंदी कला तक लोग इस वसंत मेले में स्टॉल का आनंद ले रहे हैं। सभी स्टॉलों पर बड़ी संख्या में मेहमान उमड़े और इन स्टॉलों में उपलब्ध विस्तृत पेशकशों के बारे में जानने के लिए बातचीत की।”

इस अवसर पर योग सत्र भी आयोजित किए गए।

दूतावास ने कहा, “योग शांति का प्रतीक है और यह मांसपेशियों को हिलाने से कहीं बढ़कर है। यह शरीर को आत्मा से जोड़ने की कला है। इस वसंत मेला 2025 में लोग योग का अभ्यास करने में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। हमने एक बेहतरीन योग चुनौती भी रखी थी, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।”

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यह कार्यक्रम पहली बार 11 मार्च, 2023 को बीजिंग के पुराने चांसरी परिसर में आयोजित किया गया था, जिसमें 3,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस उत्सव में भारतीय हस्तशिल्प, विविध पाककला की पेशकश और बच्चों और वयस्कों के लिए गतिविधियों के साथ-साथ एक दिन का सांस्कृतिक उत्सव भी शामिल था।

पिछले साल भी 4000 से ज्यादा लोगों ने इस सांस्कृतिक उत्सव का लुत्फ उठाया था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दोनों देशों के बीच विदेश सचिव-उप विदेश मंत्री तंत्र की बैठक के लिए 26-27 जनवरी को बीजिंग का दौरा किया था, जिसके बाद दोनों देशों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने के अपने फैसले की घोषणा की थी।

यह बैठक भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जैसा कि पिछले अक्टूबर में कजान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक के दौरान सहमति बनी थी।

अपनी चर्चा के दौरान, विदेश सचिव मिस्री और चीनी उप विदेश मंत्री सन वेदोंग ने संबंधों को स्थिर करने और पुनर्निर्माण के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।

–आईएएनएस

एकेएस/सीबीटी

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