भुलाई नहीं जा सकती नीलांबर पीतांबर की शहादत- लवली गुप्ता

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी पाकी- प्रखंड के अंतर्गत ग्राम जांजों में नीलांबर पीतांबर शहादत दिवस मनाया गया ।कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीमती लवली गुप्ता ने पहुंचकर पलामू के वीर सपूत शहीद नीलांबर -पीतांबर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि नीलांबर पीतांबर पलामू के वीर सपूत थे इन दोनों भाइयों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी व भारत माता को गुलामी की जंजीर से आजाद करने के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए। वीर शहीद नीलांबर पीतांबर की शहादत भुलाया नहीं जा सकता है। देश को स्वतंत्र करने के लिए 1857 में पहली क्रांति के दौरान भोक्ता खरवार चेरो जाति के जागीरदारों को मिलकर ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध लड़ाई लड़ी जिसका नेतृत्व वीर शहीद नीलांबर पीतांबर ने किया। 1857 ईस्वी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बहादुरी की लड़ाई लड़ी ।हम लोग इतिहास के पन्नों में पढ़ा भी करते हैं चमक उठी सन 1857 में वह तलवार पुरानी थी बुंदेले हरबोले के मुंह हमने सुनी कहानी थी खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी।
वहीं मंगल पांडे ने चर्बी वाले कारतूस को मुंह से खोलने से मना किया जिसके कारण पूरे भारत देश में अंग्रेजों के खिलाफ सैनिकों के बीच में विद्रोह का स्वर फूटा । मंगल पांडे ने भारतीय सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूकने का ऐलान कर दिया। और इधर पलामू में भी वीर सपूत दोनों भाई नीलांबर पीतांबर के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ बिगूल फूक चुका था। दोनों भाइयों ने बहादुरी के साथ के साथ अंग्रेजों से लड़ाई को लड़ी ।लेकिन धोखे से वीर शहीद नीलांबर पीतांबर को गिरफ्तार कर लिया गया और बिना कोई कानूनी कार्रवाई किए अंग्रेजों के द्वारा निर्ममता के साथ दोनो भाइयों को फांसी की सजा दे दी गयी ।










