तेज गति वाहनों के फर्राटा मारने से हो सकती है बड़ी दुर्घटना

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 6ता.चोपन/सोनभद्र-तेज गति से वाहनों पर अंकुश लगाना अति आवश्यक है। तेज़ गति वाहनों के रोड पर सर्राटा भरने मात्र से ही डर लगता है और कभी-कभी तेज़ गति वाहन अनियंत्रित होकर बड़े हादसे का कारण बन जाते है। रॉबर्ट्सगंज के चंडी होटल के पास एक पुलिस वाले कि दुर्घटना में मौत होना इस बात का जीता जागता उदाहरण है। बात की जाये चोपन थाना क्षेत्र के चोपन नगर मुख्य मार्ग की तो यहां अनियंत्रित वाहनों पर लगाम लगाने बहुत ज़रूरी है।
मुख्य बाजार के पास ही इंटरमीडिएट कॉलेज व स्कूल है जहां सैकड़ों बच्चों को उनके माता पिता सुनहरे भविष्य को ध्यान में रखते हुए पठन-पाठन के लिए भेजते है। कॉलेज की छुट्टी के समय सैकड़ों पड़ने वाले बच्चें की भीड़ इकट्ठा निकलती है। कॉलेज प्रशासन की निष्क्रियता की वजह से कोई भी अध्यापक या कर्मचारी बच्चों को रोड पार करने की जुग्गत नहीं समझता। पढ़ने वालों बच्चों की भीड़ ज्यादा होती है जिस वजह से अधिकतर बच्चें आधी रोड पर चले जाते है। ऊपर से मुख्य बाजार पर ऑटो व बसे आधे रोड को अपनी जद में लिए रहते है। ऑटो व बस के बेढंगे तरीके से खड़े होने से स्कूली बच्चे को समझ मे नहीं आता किस तरफ से जाये। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना और बढ़ जाती है।
कुछ बोलने पर वाहन ड्राइवर विवाद करने से पीछे नहीं हटते। जिस वजह से बच्चें जान जोखिम में डालकर अपने गंतव्य जाते है। रोड को पार करते समय कुछ बच्चें वाहनों के जाने का इंतजार करते है तो कुछ शरारती बच्चे जान जोखिम में डालकर रोड पार करने से भी नहीं चूकते। ऐसे में स्कूली छात्र-छात्राओं में भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक भी करना प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है और वाहन चालकों को भी सड़क पर सड़क नियमों से चलने की सख्त चेतावनी देनी ही होगी। क्योंकि अधिकतर चालक बिना पढ़े लिखे होते है उनको बस एक जगह से दूसरे जगह पर जाना होता है वो भी जल्द से जल्द। ज़ेब्रा क्रोसिंग न बनाने को लेकर रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी पर भी भारी जुर्माना लगाना चाहिए। ब्रेकर पर सफेद कलर करने की शख्त हिदायत रोड कंपनी को देनी ही होगी। भीड़ भाड़ वालों इलाके से गुजरने वाले वाहनों के लिए प्रशासन की तरफ से स्पीड निर्धारित करना चाहिए और स्पीड का साइन बोर्ड लगाना चाहिए।
बकौल रिपोर्ट सूबे में एक्सीडेंट्स की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। पिछले साल की तुलना में सड़क दुर्घटना में 5.5 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में सरकार ने 17 जुलाई से 31 जुलाई तक 15 दिनों तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मनाने का एलान किया है।
जानकारी के मुताबिक इस अभियान को लेकर जिला सड़क सुरक्षा समिति की मीटिंग भी होनी है। इसमें जिले में रोड सेफ्टी एक्शन प्लान को लेकर चर्चा होगी और एक एक्शन प्लान बनाकर पखवाड़े के अंत तक परिवहन आयुक्त को भेजी जाएगी। इसमें तमाम सराकारी विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएग।










