पर्युषण पर्व के छठे दिन जप दिवस पर उपासिकाओं ने बताईं मंत्र जप की महत्ता व विधि

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, चास-बोकारो के तत्वावधान में चास के पुराना कुलदीप टॉकीज कॉम्प्लेक्स स्थित माणकचंद छल्लाणी निवास स्थान में मनाए जा रहे पर्युषण पर्व के छठे दिन सोमवार को आचार्य श्री महाश्रमण जी के आध्यात्मिक निर्देशन में जप दिवस मनाया गया। उपासिका सायर जी कोठारी एवं संगीता जी पटावरी ने इस अवसर पर जप की महत्ता से अवगत कराते हुए मंत्रों का विशद विवेचन किया। साथ ही विधियों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक शब्द की आवृत्ति करना, उसे बार-बार दोहराना जप कहलाता है। जप का अर्थ है मंत्र की पुनरावृत्ति। वैदिक परपरा को देखें, जैन या बौद्ध परपरा को देखें तो सबने मंत्रों का चुनाव किया है। उपासिका कोठारी ने कहा कि दुनिया में अनेक प्रकार के मंत्र होते है। ‘ऊं’ की रचना पर प्रकाश डालते हुए व्याकरणिक दृष्टि से उन्होंने इसका विवेचन किया। बताया कि जैन धर्म के अनुसार इस छोटे से मंत्र में पाच पदों का समावेश है। अर्हम का जप लयबद्ध करने से एक प्रकार का रसायन बनता है, जो हमारे भीतर के विकारों का शमन कर हमें पवित्र बनाता है। मंत्र तो अनेक है, लेकिन ‘नमस्कार’ महामंत्र मंत्राधिराज है। यह सभी पापों का नाश करने वाला है। यह मंत्र बड़ा चमत्कारिक है। इसकी विशेषता यह है कि किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं है। इस अवसर पर माला के 108 मनकों का विधान भी बताया गया। मौके पर प्रमोद चौरड़िया, अभय बेगवानी, राजेश कोठारी, बजरंग लाल चौरड़िया, शांतिलाल जैन, सियाराम कुमार, शशि बांठिया, कनक जैन, बबीता कोठारी, सरोज सुमन चौरड़िया, संजय बांठिया सहित अन्य कई श्रावक मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके पूर्व शनिवार को वाणी संयम दिवस और रविवार को अणुव्रत दिवस मनाया गया। मंगलवार को ध्यान दिवस मनाया जाएगा।










