9 जिलों मे क्लस्टर में भी पात्रो को निर्मित कराये गये पक्के आवास

 मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन मे प्रदेश मे मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत समाज के सबसे निचले पायदान पर स्थित जरूतमंद लोगों को आवासीय सुविधा का लाभ देते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया गया है। जिन लोगो को प्रधानमंत्री आवास योजना मे किन्ही कारणों से पक्के घर नही मिल पाये थे, उन्हे मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास दिये गये हैं।

ग्राम्मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 से अब तक 4.61 लाख आवास आवंटित किये गये है, जिसके सापेक्ष 3.65 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण हो गया है, शेष आवास निर्माणाधीन है।
जनपद खीरी, प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, बलरामपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर एवं सोनभद्र में क्लस्टर में आवास निर्माण कराये गये है। 2024-25 तक कुछ प्रमुख वर्ग/श्रेणी के लोगो, जो प्राथमिकता की श्रेणी मे आते है, जैसे-मुसहर वर्ग को 50,037, वनटांगिया को 5,324, कुष्ट रोगियों को 5,410, दैवीय आपदा से प्रभावित लोगो को 93,300, कालाजार से प्रभावित 254, जे०ई/ए०ई०एस० से प्रभावित 684, थारू जाति के 3,332, कोल को 29,923, सहरिया- को 7,385, चेरो को 5,773, बैगा को 1,973, नटो को 2,798, दिव्यांगजनो को 91062, बंजारा लोगों को 5,096 एवं निराश्रित विधवा महिला (आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष) 41,854आवास दिये गये।

मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है, जो फरवरी, 2018 से प्रारम्भ की गयी। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरों, सहरिया, थारू, कोल, बैगा, बंजारा (अन्य पिछड़ा वर्ग) पछड्या/गढझ्या लोहार, बांसफोड़, बसोड़, धरकार, दिव्यांगजन व्यक्तियों, जे०ई०/ए०ई० एस० से प्रभावित, कुष्ठ रोग से प्रभावित, पति के मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिला (आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की पात्रता से आच्छादित परन्तु एस०ई०सी०सी०-2011 के आधार पर तैयार पात्रता सूची में न सम्मिलित होने वाले छतविहीन एवं आश्रयविहीन कच्चे / जर्जर आवासों में रह रहे परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।आवास की इकाई लागत रू0 1 लाख 20 हजार है।निर्मित आवास का क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। आवास में शौचालय हेतु धनराशि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अन्तर्गत पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।आवास लाभार्थी को मनरेगा योजना से 90 मानव दिवस का रोजगार भी आवास निर्माण में दिये जाने का प्राविधान है।
2025 मे सपेरा (सपेरिया) विमुक्त जाति, जोगी (अन्य पिछड़ा वर्ग) एवं चेरो (अनुसूचित जाति) भी मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्राथमिकता सूची में सम्मिलित किया गया है।

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