भाकपा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, “करो या मरो” पर देश के नौजवान और जनता सड़क पर,

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 9ता.सोनभद्र– अगस्त क्रांति दिवस पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज मार्ग से जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पर पंहुच कर परिसर स्थित गांधी पार्क में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और घंटों धरना दिया । जहां जनता की समस्याओं के निराकरण हेतु राष्ट्रपति को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन। गांधी जी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया गया और गांधी पार्क में धरना दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि भारत की जनता ने राष्ट्रीय आजादी के आंदोलन में भागीदारी करते हुए 9 अगस्त को “अंग्रेजों भारत छोड़ो” नारा दिया था। महात्मा गांधी के नारे “करो या मरो” पर देश के नौजवान और जनता सड़क पर थे । देश आजाद हुआ देश के संविधान ने देश के लिए कुछ मूल्यों का निर्माण किया। आज दिल्ली में भी और लखनऊ में भी आरएसएस व भाजपा की ऐसी सरकार बैठी है जिसके पूर्वजों ने देश की आजादी की लड़ाई में कभी हिस्सेदारी नहीं की और ना ही संविधान में दर्ज मूल्यों का उनके लिए कोई महत्व रहा। चूंकि देश का संविधान अभी है इसलिए उस संविधान को वह एक तरफा अचानक ही निरस्त नहीं कर सकते, परंतु पिछले 9 वर्षों से जो डबल इंजन की सरकारें चल रही है और वह जो कार्य कर रही है उससे निरंतर संवैधानिक मूल्यों को तिरिस्कृत किया है और उनकी कोशिश है कि संवैधानिक मूल्यों से परे देश में एक हिंदुत्ववादी धार्मिक राज्य का अस्तित्व आ जाए। देश की करोड़ों जनता उनकी इस कोशिश का विरोध कर रही है। पिछले 9 सालों से देश बेरोजगारी ,महंगाई और सांप्रदायिक वैमनस्यता से जूझ रहा है। अदानी अंबानी जैसे पूंजी पतियों की चांदी है और देश की 40 करोड़ से अधिक जनता गरीब रहने को अभिशप्त है। इन परिस्थितियों में भी देश की सरकार अथवा उससे जुड़े उसके अनुषांगिक संगठन देश में सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ाने से चूक नहीं रहे हैं। हाल फिलहाल इतने उदाहरण सामने आ गए हैं कि ऐसा लगता है 2024 के पहले देश को बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक वैमनस्यता की ओर ले जाना चाहते हैं।
हरियाणा की घटनाएं, ट्रेन में सिपाही के द्वारा गोली चलाकर लोगों की हत्या करना अथवा पिछले 3 महीने से मणिपुर में मणिपुर की जनता को बांट कर उनका नरसंहार करना अथवा मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के द्वारा स्पष्ट रूप से अदालतों के फैसलों के विपरीत सांप्रदायिकता से भरे हुए बयाना जारी करना इसके उदाहरण है। उदाहरणों की एक लिस्ट बन सकती है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और वामपंथी दल निरंतर लड़ रही है और आज ऐतिहासिक दिन अगस्त क्रांति दिवस पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कमेटी – सोनभद्र व उसके कार्यकर्ता जनता की समस्याओं के प्रति सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आज धरना दिया जा रहा है । उपरोक्त समस्याओं के साथ साथ पार्टी द्वारा सात सुत्रीय मांग पत्र राष्ट्रपति महोदय को संबोधित जिलाधिकारी को सौंपा गया जिसमें बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए , सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचना बंद कर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।कॉर्पोरेट घराने को लाभ पहुंचाने के लिए गरीब और आम आदमी के ऊपर आर्थिक बोझ लदना बंद किया जाए। मजदूरों, खेत मजदूरों, ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 200 दिन का काम व ₹600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी दी जाए,शहरी क्षेत्र में भी रोजगार गारंटी योजना लागू की जाए।दलितों गरीबों अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाई जाए।
आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र के पिछड़ेपन को देखते हुए यहां उच्च शिक्षा व बेहतर चिकित्सा के लिए एक अदब केंद्रीय कैमूर विश्वविद्यालय और एम्स जैसे उच्च संस्थान की स्थापना कराई जाए। सोनभद्र के आदिवासियों का वन विभाग द्वारा शोषण उत्पीड़न किया जा रहा है जिस पर तत्काल रोक लगाया जाए और जनपद में वनाधिकार, आदिवासी अधिकार जैसे कानून का मुस्तैदी से पालन करते हुए सभी भूमिहीनों को तत्काल भूमि आवंटित कराया जाए और उन्हें रहने के लिए पक्का आवास दिलाया जाए व जनपद सोनभद्र के खनन क्षेत्र में गैर कानूनी तरीके से बेखौफ चल रहे जेसीबी, पोकलेन व नाव जैसी मशीनों पर तत्काल रोक लगाते हुए स्थानीय मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए आदि मांग शामिल रहा। इस मौके पर प्रमुख रूप से भाकपा के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, कामरेड लालता प्रसाद तिवारी, कामरेड दूर्गा प्रसाद, कामरेड बसावन गुप्ता, कामरेड विजय भारती, कामरेड अमरनाथ सूर्य, कामरेड दिनेश्वर वर्मा, पप्पू भारती, कमलेश गोंड, सूरज धरकार, राम विलास कोल, राम लखन, ग़ुलाब धांगर, अशोक कुमार कन्नौजिया, हीरावती देवी, मालती देवी, श्रीदेवी, फूलमती आदि पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड राम सागर जी ने और संचालन कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा जी ने किया।










