साइबर अपराध के मुकदमे में “₹25 हजार” का इनामिया वांछित अभियुक्त गिरफ्तार-

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में तथा अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन श्री ऋषभ रुणवाल व क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक बभनी अरविन्द कुमार सरोज (विवेचक) के कुशल नेतृत्व में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना बीजपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 76/2026 धारा 108, 308(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में वांछित अभियुक्त को थाना बभनी पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया।
दिनांक 05.06.2026 को थाना बीजपुर अन्तर्गत मेमना गांव में प्रवेश कुमार पुत्र स्व0 गुलाब चन्द्र द्वारा आत्महत्या कर ली गई थी, जिसमें थाना बीजपुर पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतक के परिजनों द्वारा बताया गया कि उपरोक्त मृतक प्रवेश कुमार को अज्ञात मोबाइल नम्बर से बार-बार कॉल आई थी, जिससे आहत होकर मृतक द्वारा आत्महत्या कर ली गई। जिसके सम्बन्ध में प्राप्त शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया तथा मृतक के मोबाइल व बैंक खातों की जांच हेतु साइबर सेल को भेजा गया, जिसमें साइबर सेल द्वारा मोबाइल व खातों के एनालिसिस से यह पाया गया कि मृतक को कॉल अलवर, राजस्थान से प्राप्त हो रही थी तथा मृतक के खाते से धनराशि अलवर, राजस्थान जा रही थी। जिसके आधार पर अभियुक्त की पहचान होने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा साइबर थाने के उ0नि0 आशीष कुमार पटेल व थाना बभनी व बीजपुर की संयुक्त टीम को अलवर, राजस्थान भेजा गया था, जहां पर सफलता प्राप्त करते हुए ठगी करने वाले अभियुक्त वारिश खान पुत्र खुर्शीद खान को मुकदमा उपरोक्त में संतोषजनक जवाब न देने पर गिरफ्तार किया गया। विवेचक अरविन्द कुमार सरोज द्वारा अभियुक्त को न्यायालय भेजा जा रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्त की जामातलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अदद मोबाइल फोन, जिसमें सम्बन्धित सिमकार्ड लगा हुआ था, तथा ₹1,050/- नगद बरामद हुए। बरामद मोबाइल फोन मुकदमा उपरोक्त में बेनिफिशियरी UPI लिंक मोबाइल पाया गया, जिसमें ठगी की धनराशि प्राप्त होने के साक्ष्य मिले। मोबाइल में उपलब्ध MobiKwik Wallet को चेक करने पर दिनांक 05-06.2026 को सम्बन्धित धनराशि प्राप्त होना पाया गया। बरामद मोबाइल फोन एवं नगदी को नियमानुसार कब्जे में लेते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि अभियुक्त ने सस्ते लैपटॉप का विज्ञापन फेसबुक की साइट पर दिया था, जिसको लेने के लिए उपरोक्त मृतक प्रवेश द्वारा कॉल किया गया था। अभियुक्त द्वारा सामान भेजने व टैक्स व प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर पैसा लेना तथा लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस ले लेना एवं मोबाइल से डाटा लेकर AI से न्यूड वीडियो बनाकर उनके मित्रों, परिजनों व रिश्तेदारों को वीडियो भेजने की धमकी देने के कारण प्रवेश द्वारा आत्महत्या कर ली गई। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि अगले दिन फोन न उठने पर समझ में आ गया कि कोई अप्रिय घटना हो गई है, इसलिए हम लोगों ने मोबाइल बंद कर दिए थे। अभियुक्त ने यह भी बताया कि प्रवेश कुमार से ठगी किए गए रुपयों में से कुछ धनराशि उसके द्वारा निकाली गई थी, जिसमें खर्च होने के बाद ₹1,050/- शेष बचे थे।
अभियुक्त द्वारा पूर्व में की गई साइबर ठगी का विवरण—
* हरियाणा में टेलीग्राम टास्क फ्रॉड के माध्यम से ₹15,740/- की साइबर ठगी।
* गुजरात में कस्टमर केयर बनकर ₹3,860/- की साइबर ठगी।
* राजस्थान में लैपटॉप बेचने के नाम पर ₹13,327/- की साइबर ठगी।
* पश्चिम बंगाल में पुराने करेंसी नोट बदलकर नई करेंसी देने के नाम पर ₹50,950/- की साइबर ठगी।










