वज्रपात एवं आंधी तूफान से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा एडवाइजरी की गयी जारी-अपर जिलाधिकारी(वि/रा0)

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मौसम की गतिविधियों में निरन्तर नजर रखी जा रही है। अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0) सहदेव कुमार मिश्र ने जानकारी देते हुए कहा है कि आंधी तूफान एवं खराब मौसम में आकाशीय बिजली गिरने/वज्रपात की घटनाएं घटित होने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं, जिससे जनहानि एवं पशु हानि व मकान क्षति तथा व्यक्ति के घायल होने की घटनाए होती हैं तथा आम जनमानस से अपील करते हुये सावधानियां बरतने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु क्या करें- पक्के मकान की शरण में चले जाएं। खिड़की, दरवाजे एवं बरामदे से दूर रहें। पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभों, कच्चे मकान, तालाब, जलाशय से दूरी बना कर रखें। खराब मौसम में बच्चों को बाहर न खेलने दें, लोहे की खिड़की, दरवाजे व हैण्डपम्प आदि को न छुएं। यदि खुले खेत में फंस गये हैं तो दोनों कानों को बंद कर पैरों को सटा लें तथा घुटनों का टेक लेकर उकड़ू बैठ जाएं। वर्षा, आंधी तूफान, आकाशीय बिजली एवं बदलते मौसम का सटीक पूर्वानुमान देगा बहुउपयोगी सचेत एप एवं दामिनी एप जिससे कि प्रशासन, स्वयंसेवक तथा जागरुक लोगों द्वारा पूर्व चेतावनियों एवं अलर्ट को आम जनमानस तक समय से पहुचांकर आपदा से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है दामिनी ऐप एवं सचेत एप। आकाशीय विद्युत के परिप्रेक्ष्य में सावधानियों हेतु क्या ना करें-  पेड़ के नीचे ना खड़े हों। दीवार के सहारे टेक न लगायें। धातु युक्त नल एवं फ्रिज को ना छुएँ। धातु से बने छाते का प्रयोग न करें। घरों में चलने वाले भारी विद्युत उपकरणों को प्लग से अलग कर दें। खुल वाहनों मेे सवारी न करें, बचाव के लिए जमीन पर न लेटें तथा तैराकी या नौकायन न करें।आँधी तूफान के दौरान सावधानियों हेतु क्या करें- टिन की छत, होर्डिंग, क्षतिग्रस्त मकान, पेड़, बिजली के खंभे एवं मोबाइल टावर से दूर रहें। घर के बाहर या छत पर रखी हुई भारी वस्तुएं उड़ सकती हैं, इसलिये उन्हें बांधकर रख दें। यात्रा कर रहे हैं तो सुरक्षित स्थान देखकर रुक जाएं। आँधी तूफान के दौरान सावधानियों हेतु क्या ना करें- धारदार एवं नुकीली वस्तुओं को खुले में ना रखें। पेड़ की शरण में ना जायें।

निर्वाचन सप्तम् चरण में निर्धारित किया गया है।

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