जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने फीता काटकर सोन अर्घ्य दीपावली सरस मेला-2026 का किया भव्य शुभारंभ

डाइट मैदान में सजे 40 स्टॉल, 06 नवम्बर तक चलेगा सरस मेला

Media House सोनभद्र-उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिला मिशन प्रबंधन इकाई (एनआरएलएम), सोनभद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सोन अर्घ्य दीपावली सरस मेला-2026 का शुभारंभ आज डाइट मैदान, उरमौरा, राबर्ट्सगंज में जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ एवं मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती जागृति अवस्थी ने फीता काटकर किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। मेले में कुल 40 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के उत्पादों एवं अन्य स्थानीय सामग्रियों की बिक्री की जा रही है।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलता है। इससे उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अधिक से अधिक बाजार उपलब्ध कराने के महत्व पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि यह मेला 04 से 06 नवम्बर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाना है। इस अवसर पर सोन अर्घ्य ब्रांड का शुभारंभ भी किया जाएगा। मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इस अवसर पर डीसी मनरेगा श्री रविन्द्र सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे 04 से 06 नवम्बर तक डाइट मैदान, उरमौरा में आयोजित सोन अर्घ्य दीपावली सरस मेला-2026 में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी करें तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में सहभागी बनें।

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