स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

 Media House लखनऊ- उत्तरप्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित नौ दिवसीय ओरिएंटेशन वर्कशॉप गुरुवार को सम्पन्न हुई। यह वर्कशॉप 25 अगस्त 2025 से प्रारंभ होकर 11 सितम्बर 2025 तक विभिन्न चरणों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय में आयोजित की गई । इस कार्यशाला में 25 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग पार्टनर तथा 162 निजी प्रशिक्षण प्रदाता सम्मिलित हुए।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा अनुरूप “सबको हुनर, सबको काम” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। प्रशिक्षण संचालन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पहली बार प्रशिक्षण प्रदाताओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का यह प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रशिक्षण बैच का उद्घाटन स्थानीय विधायक द्वारा किया जाना अनिवार्य होगा, तभी उसे मान्यता प्राप्त होगी। साथ ही, प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावकों को भी कौशल प्रशिक्षण की प्रक्रिया और उससे होने वाले संभावित लाभों की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए “अभिभावक दिवस” की अवधारणा शामिल की गई है। अभिभावकों से फीडबैक दर्ज करने और पारदर्शिता हेतु अभिभावकों के साथ ली गई सेल्फी मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी सुनिश्चित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सामाजिक समावेशन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रशिक्षण बैचों में दिव्यांगजन हेतु 5 प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। महिला मोबिलाइजेशन पर विशेष बल दिया जा रहा है।

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मिशन निदेशक ने बताया कि वर्कशॉप में यह निर्णय लिया गया कि अब सभी प्रशिक्षण बैचों का लाइव टेलीकास्ट मिशन मुख्यालय से किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आकलन रीयल-टाइम में हो सके। साथ ही, जिलाधिकारियों से संवाद कर प्रत्येक जिले के शीर्ष 5 औद्योगिक सेक्टर की पहचान कर ली गई है। इन सेक्टरों में युवाओं को प्रशिक्षित कर स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना बनाई गई है। वर्कशॉप में प्रशिक्षण प्रदाताओं के पूर्व प्रदर्शन की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीतियाँ तय की गईं। उद्योगों के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों की प्रगति की समीक्षा कर इस सप्ताह में ही नए टारगेट सौंपने का निर्णय लिया गया। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया कि केवल सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षक ही प्रशिक्षण देंगे।

मिशन निदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष फोकस एस्पिरेशनल ब्लॉकों के युवाओं पर है। इसलिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी समय में हर 2-3 माह पर इस प्रकार की ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन कर प्रशिक्षण प्रदाताओं से संवाद और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

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