संन्यासी अखाड़ों की काशी के लिए हुई रवानगी, नागा संन्यासी भी चले बाबा विश्वनाथ के दरबार

महाकुंभ नगर, 7 फरवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज महाकुंभ से अखाड़ों के विदा होने का सिलसिला शुरू हो गया है। महाकुंभ के सेक्टर 20 में बनाए गए अखाड़ा क्षेत्र में प्रमुख शैव अखाड़ों ने अपनी रवानगी के पूर्व संपादित होने वाली परंपरा और प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। इसी के अंतर्गत अखाड़े में पंच परमेश्वर या नई विधायिका का चुनाव भी किया गया।

महाकुंभ से विदा होने के पूर्व अखाड़ों में अपने नए पंच परमेश्वर या विधायिका के चुनाव की परंपरा है। प्रयागराज महाकुंभ में भी इसका निर्वाह करते हुए श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी ने अपनी नई विधायिका का चयन कर लिया। श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी जी का कहना है कि श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी अखाड़े में 8 श्री महंत और 8 उप महंत का चयन किया गया है।

छावनी में धर्म ध्वजा के नीचे नए पंच परमेश्वर का चुनाव संपन्न हुआ। इस महाकुंभ में जिन आठ श्री महंत का चयन किया गया है, उसमें महंत रविंद्र पुरी, महंत रमेश गिरी, महंत बंशी पुरी जी, महंत विनोद गिरी जी, महंत मृत्युंजय भारती, महंत मनोज गिरी, महंत प्रेम पुरी और महंत गंगा गिरी जी शामिल हैं।

इसी तरह जिन संतों को उप महंत या कारवारी के रूप में चयन हुआ है, उसमें दिगंबर शिव पुरी, दिगंबर रवि गिरी, विश्वनाथ पुरी, रमाशंकर गिरी, मनसुख गिरी, ब्रह्म नारायण पुरी और उमाशंकर गिरी शामिल हैं। पुरानी विधायिका के स्थान पर अब नई विधायिका अगले कुंभ तक जिम्मेदारी संभालेगी।

श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के संतों ने काशी प्रस्थान के पहले अपनी अनुष्ठान की परंपरा का निर्वाह किया। अनुष्ठान के बाद धर्म ध्वजा की तानियां ढीली कर दी गई। अखाड़े के देवता की पूजा की गई।

मध्य प्रदेश में साइंस सिटी बनाने के प्रयास : सीएम मोहन यादव

इसके पूर्व अखाड़े के सर्वोच्च पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। अखाड़े के सचिव महंत जमुना पुरी बताते हैं कि पंच परमेश्वर काशी के लिए प्रस्थान कर गए हैं। अखाड़े का पंच परमेश्वर बाबा विश्वनाथ की अंतरग्रही पंचकोसी परिक्रमा करने के बाद महाशिवरात्रि में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। इसके पश्चात सभी संत अपने-अपने स्थान के लिए रवाना हो जाएंगे।

–आईएएनएस

एसके/एबीएम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *