भंडार गांव में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी गढ़वा- जिले के धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत भंडार गांव में रौनियार परिवार की एक और बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका शांति देवी (18 वर्ष) का शव 2 जून की रात्रि को गांव के एक कुएं से बरामद किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के बाद उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंककर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गढ़वा भेजा गया।

मामले की जानकारी मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग तथा चुन्नी और रमुना गांव के रौनियार समाज के सदस्य भंडार गांव पहुंचे। परंतु तब तक ससुराल पक्ष के अधिकांश लोग घर छोड़कर फरार हो चुके थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान मृतका के परिजन आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर डटे रहे।

घटना की सूचना मिलने पर रौनियार वैश्य महासभा, गढ़वा जिला की टीम ने जिला अध्यक्ष संजय प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में घटनास्थल का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर महासभा के संयोजक वेंकटेश नारायण, जिला कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता, युवा जिला अध्यक्ष पप्पू कुमार गुप्ता, जिला प्रवक्ता संजीव कुमार गुप्ता, धुरकी प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता, डंडई प्रखंड प्रभारी मोती प्रसाद गुप्ता तथा खरौंधी प्रखंड प्रभारी राधेश्याम प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।

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महासभा के सदस्यों एवं ग्रामीणों के सहयोग से मृतका के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई गई। मृतका के परिजन कालीचरण प्रसाद गुप्ता तथा उसके चाचा जग नारायण गुप्ता की सूझबूझ एवं ग्रामीणों की समझदारी से लगभग तीन घंटे की बातचीत और प्रयासों के बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। ज्ञात हो कि मार्च 2026 में ही शांति देवी का विवाह सनातन परंपरा एवं रीति-रिवाजों के अनुसार बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ था। उसके पिता के निधन के बाद उसके चाचा जग नारायण गुप्ता ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए विवाह कराया था।

रौनियार वैश्य महासभा, गढ़वा जिला इस घटना पर गहरा दुःख एवं आक्रोश व्यक्त करती है तथा प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं कठोर कार्रवाई की मांग करती है। महासभा का मानना है कि दहेज जैसी कुप्रथा के कारण किसी भी बेटी का जीवन समाप्त होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज को ऐसे कृत्यों की कठोर निंदा करनी चाहिए तथा दोषी व्यक्तियों का सामाजिक बहिष्कार करने पर भी विचार करना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई बेटी इस प्रकार की त्रासदी का शिकार न बने।

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