छात्रों पर लाठीचार्ज होने के बाद PK की बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस

पटना में बोले – छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज करने वाले सभी अफसरों पर कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट जाएंगे

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी बेतिया मोहन सिंह। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और छात्र संसद में चुने गए कोर कमेटी के सदस्यों ने पटना में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कल जेपी गोलंबर पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मेरे जाने के 45 मिनट बाद लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने जो किया वो पूरी तरह गलत है। छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। अगर मेरे जाने के बाद हजार – दो हजार छात्र रह गए थे, तो उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया, किसी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया। बस पटना के कुछ 2-4 अफसरों को *हीरोइज्म* की आदत हो गई है, इसलिए उनके खिलाफ आज FIR दर्ज होगी, उनकी अनुचित कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट और मानवाधिकार आयोग का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। जिस बर्बरतापूर्वक तरीके से छात्रों को पीटा गया, उसका पूरा हिसाब होगा। पुलिस के अनुसार नारेबाजी करना कानून का उल्लंघन है तो फिर पुलिस ने बच्चों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, क्या ये कानून का उल्लंघन नहीं है?

*तेजस्वी यादव का बंगला पटना में है, वह विपक्ष के नेता है, लाठीचार्ज के बाद वह छात्र से मिलने अस्पताल या गर्दनिबाग क्यों नहीं गए – प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव को दी नसीहत कहा ये राजनीति का वक्त नहीं*

प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के उठाए गए सवाल पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। कल लाठीचार्ज के बाद या लाठीचार्ज के दौरान या पूरे दिन छात्र संसद में या बच्चों से मिलने अस्पताल या गर्दनीबाग किसी जगह क्यों नहीं गए। कल अगर कोई बच्चों को बचाने के लिए खड़ा हुआ तो वो प्रशांत किशोर ही थे। बच्चे जरूर कह रहे हैं कि अगर आप 1 घंटा और रुक जाते तो हमें कोई नहीं मारता। उन्हें ये भरोसा सिर्फ प्रशांत किशोर पर है, किसी और पर नहीं।

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*पीके का बड़ा ऐलान 2 जनवरी से वह खुद अनिश्चितकालीन तक धरने पर बैठेंगे, प्रशांत किशोर छात्रों के साथ खड़े थें, खड़े हैं और रहेंगे*

प्रशांत किशोर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं मानेगी तो ये बच्चे, पूरे बिहार के युवा जो लोग भी इन बच्चों के साथ संवेदना रखते है, और जो भी लोग इस लाठीतंत्र के खिलाफ है। वो सभी लोग एक दिन भी चैन से बैठने वाले नहीं है। 2 जनवरी से अगर ये मामला नहीं निपटा तो मैं खुद प्रशांत किशोर, अनिश्चितकालीन तक यहां धरने पर खुद बैठूंगा। इन 5 मांगो के समर्थन में कही एक कदम भी पीछे हटने का सवाल नहीं है। छात्रों का आंदोलन है हर दल और विचारधारा के लोग उसमें आते है, आज अगर ये बच्चे हमारे पक्ष में या विपक्ष में बोल रहें है मेरी इनसे कोई शिकायत नहीं है। हम राजनीति करने नहीं आए है, पिछले ढाई वर्षों में मैंने किसी भी आंदोलन और धरने प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया है, यह पहला ऐसा मौका है जहां मैं सब कुछ छोड़ कर इन सभी बच्चों के साथ खड़ा हूं, क्योंकि मैं इनका दर्द समझ रहा हूँ।

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