पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में 4 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का है लक्ष्य

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी सोनभद्र– देश में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन करने वाले सोनभद्र के वाशिंदे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में मुफ्त बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। जिससे बिजली का बिल अब उनकी जेब पर भारी नहीं पड़ रहा है। छतों पर लगने वाली सौर ऊर्जा की यह छतरी अब उनके लिए ‘बचत की छतरी’ साबित हो रही है। जिले में अब तक 3 हजार से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार द्वारा योजना के तहत दी जा रही सब्सिडी ने लोगों के घरों तक आसानी से सौर ऊर्जा पहुंचा दी है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर अधिकारी योजना के क्रियांवयन पर लगातार जोर दे रहे हैं। सौर क्रांति से जुड़कर अब आमजन का प्रतिमाह आने वाला बिजली का बिल काफी कम हो गया है।
यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी चंद्रशेखर ने बताया कि योजना के तहत जनपद में कुल 3365 घरों में सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। जिससे प्रतिदिन लगभग 50 हजार यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली का उत्पादन हो रहा है।
बताया कि 2955 लाभार्थियों के खाते में योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी भी पहुंच चुकी है। शेष लाभार्थियों की लंबित सब्सिडी भी जल्द ही अवमुक्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में 4042 घरों को इस हरित क्रांति से जोड़ने का लक्ष्य है। जिसके क्रम में अप्रैल-जून माह में 971 लाभार्थियों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ा गया।
परियोजना प्रभारी ने बताया कि 1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार 30 हजार रुपये तथा उत्तर प्रदेश सरकार 15 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इस प्रकार लाभार्थी को कुल 45 हजार रुपये की सहायता प्राप्त होती है।
2 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार रुपये तथा प्रदेश सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इससे लाभार्थी को कुल 90 हजार रुपये का लाभ मिलता है।
3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार 78 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार अधिकतम 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करती है। इस तरह लाभार्थी को कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध हो सकती है। बताया कि योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, बिजली बिल में कमी लाना तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है।










