चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे पर प्रभावी रोक के लिए राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित

मीडिया हाउस सोनभद्र  – शासन एवं राज्य कर मुख्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में राज्य कर विभाग, सोनभद्र द्वारा दिनांक 11 जुलाई 2026 को राज्य कर कार्यालय, बालाजी टावर, उरमौरा, रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित मांझा एवं अन्य हानिकारक डोरियों के निर्माण, विक्रय तथा उपयोग को प्रभावी रूप से रोके जाने के संबंध में व्यापारियों को जागरूक करना था।

बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ में योजित जनहित याचिका संख्या-13864/2018, मोतीलाल यादव बनाम माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय एवं अन्य तथा इससे सम्बद्ध जनहित याचिका संख्या-499/2025, रज्जन खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित आदेशों के संबंध में उपस्थित व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं को विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

अधिकारियों द्वारा बताया गया कि चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा, सीसा अथवा अन्य धातु से लेपित डोरी अत्यंत घातक होती है। इसके उपयोग से आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों, पशु-पक्षियों तथा विद्युत व्यवस्था को गंभीर क्षति पहुंचने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे हानिकारक धागों के कारण होने वाली जनहानि एवं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इनके निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय, परिवहन तथा उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है।

व्यापारी संवाद कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों को चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा एवं सीसा लेपित डोरी का निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय न करने तथा इस प्रकार की किसी भी गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर संबंधित प्रशासनिक विभाग को सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। व्यापारियों से इस विषय में आम नागरिकों एवं ग्राहकों को भी जागरूक करने की अपील की गई।

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बैठक में उपस्थित व्यापारियों द्वारा बताया गया कि उनके प्रतिष्ठानों पर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा अथवा सीसा लेपित डोरी की खरीद-बिक्री एवं निर्माण का कार्य नहीं किया जाता है। व्यापारियों ने अवगत कराया कि ऐसे हानिकारक धागे प्रायः ई-कॉमर्स माध्यमों से सीधे ग्राहकों एवं उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा रहे हैं। अतः ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही इस प्रकार की वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री एवं आपूर्ति पर भी प्रभावी अंकुश एवं प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों से अपील की गई कि वे जनहित एवं जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रतिबंधित एवं हानिकारक मांझे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। सामूहिक जागरूकता एवं विभागीय समन्वय से ही ऐसे घातक उत्पादों के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।

कार्यक्रम में राज्य कर विभाग, सोनभद्र के अधिकारियों के साथ अधिवक्तागण तथा रॉबर्ट्सगंज के सम्मानित व्यापारीगण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने जनसुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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