जागरूकता के अभाव में हो रहा खुलेआम पॉलीथिन, सिंगल यूज प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रयोग

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 4ता.बिहार पटना।गांधीजी के 150वें जन्म जयंती दिवस पर दो अक्टूबर को मोदी द्वारा प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया गया है। जिसके चलते संपूर्ण भारतवर्ष में सिंगल यूज प्लास्टिक, पन्नी पर प्रतिबंध लगाने की कवायद शुरू हो चुकी है। जिसके लिए भारत सरकार और प्रशासनिक अधिकारी कमर कस कर इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन मोदी के इस संकल्प को पूरा करने में काफ ी परेशानियां भी पैदा हो रही हैं। क्योंकि इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नही है, एक तरफ जहां पर कपड़ों की दुकान वाले दुकानदारों के कपड़े आज भी पन्नी की पैकिंग में आ रहे हैं। वहीं पर सब्जी विक्रेता थोक सब्जियों को प्लास्टिक पन्नी में दे रहे हैं। दूसरी ओर कपड़ा व्यापारी ग्राहकों को रंगीन आकर्षण लुभावनी पन्नियों में रखकर कपड़े बेच रहे हैं। उनका सीधा तर्क है कि हमको यह जानकारी नहीं है कि किस तरह की प्लास्टिक पन्नियों पर बैन लगाया गया है। यही कारण है कि जागरूकता के अभाव में व्यापारी परेशान हैं। दूसरी ओर खाद्य विभाग और प्रशासन ताबड़तोड़ कार्यवाही तो कर रहा है। लेकिन इसके लिए लोगों, व्यापारियों को सजग नहीं कर रहे, और न ही इसका प्रसार प्रचार किया जा रहा है कि किस तरह की पन्नियों बैन लगाया गया है। जिसके चलते व्यापारी वर्ग बेहद परेशान हैं। इन सभी व्यापारियों का कहना था कि हमें यह जानकारी ही नहीं है कि किस तरह की प्लास्टिक पन्नी पर बैन लगाया गया है। एक तरफ तो बड़े, बड़े उत्पाद आज भी प्लास्टिक और पन्नी में पैक आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है निचले स्तर पर यह कार्रवाई करके कहीं न कहीं प्रशासन बड़े व्यापारियों को बचाकर छोटे व्यापारियों पर गाज गिरा रहा है। इस प्रकार मोदीजी के प्लास्टिक मुक्त भरत बनाने की मंशा पर प्रशासन को पहले जागरूकता फैलाना अति आवश्यक है। जिससे लोगों की समझ में आए कि किस तरह के प्लास्टिक लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है और किस तरह के प्लास्टिक उत्पाद लोगों को यूज करना चाहिए। इसका भी आम जनता में किसी भी तरह की जानकारी नहीं। यही कारण है कि लोग प्रशासनिक अधिकारियों की कार्रवाई का शिकार हो रहे हैं।

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