दुष्कर्म के दोषी मुमताज अंसारी को बीस वर्ष के कठोर कारावास की सजा

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी सोनभद्र- करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व 16 वर्ष की नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी मुमताज अंसारी को 20 बर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 80 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 65 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक शाहगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने शाहगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 24 अप्रैल 2019 को प्रातः 4 बजे उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को मुमताज अंसारी पुत्र अजमुद्दीन अंसारी निवासी रामगढ़, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र जो शाहगंज में किराए के मकान में रहकर गाड़ी चलाने का कार्य करता है ने बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने की नियत से भगा ले गया। इस तहरीर पर शाहगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में दुष्कर्म, अपहरण व पॉक्सो एक्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी मुमताज (38) वर्ष को बीस वर्ष का कठोर कारावास एवं 80 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 65 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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