पंजाब बोर्ड परीक्षा में 'आप' से जुड़े सवाल पूछे जाने को राशिद अल्वी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब बोर्ड की परीक्षाओं में आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े सवाल आने का मामला गरमाया हुआ है। मंगलवार को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

कांग्रेस नेता ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “इस तरह का प्रश्न पत्र निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। बच्चों को राजनीति में नहीं खींचना चाहिए। यह काम भाजपा भी करती है। भाजपा सारी शिक्षा प्रणाली बदलकर इसे आरएसएस की प्रणाली बनाना चाहती है। अगर भाजपा सरकार ऐसा करेगी, तो जहां-जहां पर विपक्ष की सरकारें हैं, वो भी ऐसा ही करेंगी।”

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सदन में फर्जी वोटरों से जुड़ा मामला उठाने को लेकर राशिद अल्वी ने कहा, “हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली जहां पर चुनाव होता है, वहां पर ऐसे वोटरों को हटाया जाता है, जिससे उन्हें डर बना रहता है कि वो बीजेपी को वोट नहीं देंगे, जिसमें खास तौर पर मुसलमानों के वोट होते हैं। बाहर से नए वोट भाजपा के समर्थन में डाले जाते हैं। आज के समय में चुनाव आयोग को पीएम मोदी न‍ियुक्‍त करते हैं। इसके अंदर जो कमेटी है, उसके अंदर प्रधानमंत्री और उनका एक कैबिनेट मिनिस्टर है। वो जिसे चाहें उसे चुनाव आयुक्त बना दें। जब कोतवाल ही उनका है, तो किसी का क्या डर है।”

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मंदिर बनाने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री रघुराज सिंह के बयान पर उन्होंने कहा, “यह एक नफरत फैलाने वाला बयान है। क्या पूरे अलीगढ़ में एक यूनिर्विटी बची है, जहां पर मंदिर बनना चाहिए। ये हिंदू-मुसलमान के बीच दरार पैदा करने वाला बयान है। देश के अंदर कानून का राज होने के बावजूद ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो होती है।”

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वक्फ संशोधन बिल से नहीं, बल्कि मंदिरों से सोना निकालकर हिंदुओं में बांटने से देश की इकोनॉमी मजबूत होने वाले मौलाना सैयद कल्बे जवाब नकवी के बयान पर कांग्रेस नेता अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इस पर टिप्पणी इसलिए नहीं करूंगा, मंदिर के अंदर जो सोना है, इसका फैसला उसी समाज के लोग करेंगे। ऐसे ही मस्जिद का फैसला मुसलमानों को करना चाहिए। लेकिन पिछले 10-12 सालों से देश में नई दिशा पैदा हुई है कि मस्जिदों के मामले के फैसले सरकार और दूसरे समुदाय के लोग करेंगे। वहीं, मंदिर को लेकर कोई मुसलमान कभी कुछ बोलता है, तो वो उचित नहीं है।”

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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