54 गांवों के अभिलेखों की होगी गहन जांच, त्रुटि या लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

मीडिया हाउस सोनभद्र – उत्तर प्रदेश शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ), राजस्व निरीक्षक एवं क्षेत्रीय लेखपाल उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यूपीडा के माध्यम से प्राप्त भूमि क्रय एवं अधिग्रहण प्रस्तावों की प्रारंभिक जांच पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक गांव का राजस्व अभिलेखों के आधार पर विस्तृत सत्यापन किया जाए तथा किसानवार विवरण निर्धारित प्रारूप में तैयार किया जाए। इसमें ग्राम का नाम, खाता संख्या, कृषक का नाम, भूमि में उसका अंश, सहखातेदारों का विवरण, भूमि सीलिंग की स्थिति तथा अन्य आवश्यक जानकारियां अनिवार्य रूप से अंकित की जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना क्षेत्र में आने वाली ग्राम सभा, गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट, निष्क्रांत एवं शत्रु संपत्ति से संबंधित भूमि का पृथक एवं प्रमाणिक विवरण तैयार किया जाए। प्रत्येक ग्राम एवं प्रत्येक कृषक का विस्तृत रिकॉर्ड निर्धारित प्रारूप के अनुसार अलग रजिस्टर में संधारित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि बड़े ग्रामों में कार्य की गुणवत्ता एवं गति बनाए रखने के लिए दो राजस्व निरीक्षक, संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल तथा दो सहयोगी लेखपालों की टीम गठित की जाए। प्रत्येक तहसील अपने स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से त्रुटिरहित सूचनाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से तहसील रॉबर्ट्सगंज के 54 ग्रामों में प्रस्तावित गाटा संख्याओं, खातेदारों के नाम एवं उनके पिता के नाम का राजस्व अभिलेखों से मिलान कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम सीमाओं का भी भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन कराया जाए, जिससे सीमांकन संबंधी किसी प्रकार की विसंगति न रहे। यदि किसी परिसंपत्ति अथवा भूमि का विवरण प्रस्ताव में छूट गया हो तो उसका संशोधन प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रस्तावित भूमि वास्तव में किसान के नाम दर्ज है अथवा ग्राम सभा, शासकीय अथवा अन्य श्रेणी की भूमि तो नहीं है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, तथ्य छिपाने या जानबूझकर त्रुटि करने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे सोनभद्र सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास की आधारशिला साबित होगी। ऐसे में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न की जाए, ताकि परियोजना का कार्य बिना किसी बाधा के निर्धारित समय पर प्रारंभ कराया जा सके।










