संचारी एवं दस्तक अभियान को मिली रफ्तार, उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष सफाई व स्वास्थ्य सर्वे जारी

मीडिया हाउस सोनभद्र – जनपद सोनभद्र में संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 01 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुरूप व्यापक साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, खराब हैंडपंपों का चिन्हीकरण एवं मरम्मत, फॉगिंग, शौचालय निर्माण, कृतंक नियंत्रण तथा सूकर पालकों का संवेदीकरण किया जा रहा है। साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, पंचायत सहायकों, सफाईकर्मियों एवं ग्राम प्रधानों के सहयोग से लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संचारी अभियान के अंतर्गत अब तक 2,008 विद्यालयों में जागरूकता रैलियां, 367 प्रभात फेरियां एवं 416 ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा 1,612 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 1,520 हैंडपंपों की मरम्मत, 646 हैंडपंप चबूतरों का सुधार, 445 शौचालयों का निर्माण, 856 ग्रामीण एवं 887 शहरी नालियों की सफाई, 78 नगरीय वार्डों में फॉगिंग, 143 सूकर पालकों का संवेदीकरण तथा 349 कृतंक नियंत्रण गोष्ठियों का आयोजन किया गया है। दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण कर बुखार, मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, आईएलआई (खांसी-जुकाम), डायरिया, कुपोषण एवं अन्य संक्रामक रोगों के संभावित मरीजों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। अब तक 1,914 बुखार के रोगियों का चिन्हीकरण तथा 1,828 आरडीटी जांचें की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, आईएलआई, डायरिया एवं कुपोषित बच्चों की पहचान कर आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार या अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार कराएं। जनसहभागिता से ही संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।










