विद्युत निगमों का बिनिवेश करके संयुक्त उद्यम बनाए जाने के विरूद्ध सत्याग्रह

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-पूर्वांचल विद्युत निगम वाराणसी एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा के बिनिवेश और नीजी कम्पनियों के साथ संयुक्त उद्यम बनाए जाने के परिणामस्वरूप निगमों मे कार्यरत संविदा कर्मियों की रोज़ी पर उत्पन्न ख़तरे को देखते हुए विद्युत संविदा मज़दूर संगठन उप्र द्वारा संयुक्त उद्यम बनाए जाने की कारवाई को रोकने की माँग को प्रमुखता से उठाते हुए 3 दिसम्बर 2024 को प्रदेश के हर ज़िले में सत्याग्रह किए जाने की नोटिस ऊर्जा निगमों के चेयरमैन डा आशीष गोयल आईएएस को दी गई है ।

संगठन के संरक्षक एवं वरिष्ठ मज़दूर नेता आर एस राय ने बताया कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन से हुई वार्ता में संगठन द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि कार्यरत संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी और सेवा मे निरन्तरता की गारंटी के बग़ैर निगमों के स्वरूप में किसी भी प्रकार के परिवर्तन मे संगठन के सहयोग की अपेक्षा संभव नहीं है।

संगठन के प्रान्तीय प्रभारी पुनीत राय ने बताया कि संगठन द्वारा संविदा में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम ₹22000 एवं लाइनमैन और कम्प्यूटर आपरेटर को ₹25000 वेतन दिए जाने और सेवा अवधि की उप्र 58 वर्ष किए जाने सहित सात लम्बित मांगों का जल्द निपटारा किए जाने की मांग की गई है । विद्युत मज़दूर संगठन के प्रान्तीय अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय ने बताया कि संविदा कर्मियों के हितों के लिए किए जाने वाले सत्याग्रह का समर्थन दिए जाने हेतु उन्होंने संगठन से जुड़े सदस्यों को निर्देश जारी कर दिया है ।

कुल 1712 ओवरलोड वाहनों का चालान, 783 वाहनों को बंद, कुल 341.6 लाख रूपये प्रशमन शुल्क-परिवाहन आयुक्त

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