ओबरा-श्रीराम मंदिर प्रांगण से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया

मीडिया हाउस सोनभद्र- ओबरा नगर स्थित श्रीराम मंदिर प्रांगण से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक जांच में मंदिर परिसर की भूमि को राज्य सरकार/नगर पंचायत की संपत्ति बताया गया है, जबकि पूर्व में संचालन कर रही समिति का पंजीकरण भी निरस्त किया जा चुका है।

दिनांक 7 जुलाई 2025 को प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि नई वैध समिति के गठन तक मंदिर परिसर की समस्त व्यवस्थाओं की देखरेख प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
इसके बावजूद वर्तमान में निरस्त की जा चुकी समिति से जुड़े व्यक्तियों द्वारा धार्मिक आयोजनों की घोषणा तथा परिसर में स्थित रामलीला मैदान एवं मानस भवन की बुकिंग किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
इस संबंध में थाना ओबरा में दर्ज FIR संख्या 0074 (दिनांक 14 अप्रैल 2026) में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ₹25,000 की मांग की गई तथा पैसे न देने पर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी दी गई सूत्रों के अनुसार, यह भी आरोप है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा परिसर पर नियंत्रण रखते हुए धन वसूली की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
अब स्थानीय नागरिकों द्वारा यह मांग उठाई जा रही है कि आगामी धार्मिक आयोजनों को प्रशासनिक देखरेख में कराया जाए तथा मंदिर से संबंधित सभी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

NCL Singrauli, कुल 412.60 एकड भुमि जिसका आज तक न तो मुआवजा, न ही नौकरी, न ही कोई प्लाट दिया गया,

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