एनटीपीसी शक्तिनगर में वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं औद्योगिक प्रदर्शनी का आयोजन

मीडिया हाउस सोनभद्र – भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, वाराणसी द्वारा ईडीसी, सिंगरौली एसटीपीएस, एनटीपीसी शक्तिनगर, सोनभद्र में आज Vendor Development Programme (VDP) एवं Industrial Exhibition 2026-27 का दो दिवसीय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में राजेश कुमार चौधरी, सहायक निदेशक ने स्वागत एवं परिचयात्मक संबोधन दिया। इसके पश्चात मुरलीधर महतो, ब्रांच मैनेजर-इन-चार्ज, ECGC Ltd., वाराणसी ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में अवनीश कुमार सिंह, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं), सिंगरौली STPS, NTPC शक्तिनगर, अंजन कुमार पाल, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं फ्यूल मैनेजमेंट) तथा सौमित्र घोष, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं ऐश मैनेजमेंट) की गरिमामयी उपस्थिति रही। एल.बी.एस. यादव, निदेशक ने एमएसएमई-डीएफओ, प्रयागराज ने मुख्य वक्तव्य दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इवानी प्रभाकर राव, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख, NTPC Ltd., सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन, शक्तिनगर, सोनभद्र ने अपने संबोधन में स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को एनटीपीसी की खरीद प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
तकनीकी सत्रों में खरीद एवं बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में एमएसएमई इकाइयों के लिए Government e-Marketplace (GeM) के माध्यम से सरकारी खरीद, GeM पर पंजीकरण एवं व्यवसाय के अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही TReDS (Trade Receivables Discounting System) के माध्यम से एमएसएमई की बकाया व्यापारिक देय राशि के शीघ्र वित्तपोषण एवं भुगतान की सुविधा पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त NTPC की खरीद प्रक्रिया, संभावित वेंडर बनने की प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी तथा स्थानीय एमएसएमई के लिए उपलब्ध व्यवसायिक अवसरों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
तकनीकी सत्रों में NSIC की योजनाओं एवं सरकारी खरीद में इसकी भूमिका, National SC-ST Hub के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को उपलब्ध सहायता एवं सरकारी खरीद में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागी एमएसएमई इकाइयों की खरीद प्रक्रिया से संबंधित शंकाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया गया।
भारत सरकार की Public Procurement Policy for MSEs के अंतर्गत केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों एवं CPSEs द्वारा वार्षिक खरीद में MSEs के लिए 25 प्रतिशत लक्ष्य, जिसमें SC/ST स्वामित्व वाली MSEs के लिए 4 प्रतिशत तथा महिला उद्यमियों के लिए 3 प्रतिशत का उप-लक्ष्य शामिल है, का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में कुल मिलाकर लगभग 105 लोगो ने प्रतिभाग किया।










