मुंबई में दिव्यांग बांधवों के स्टॉल के सवाल को लेकर खासदार रविंद्र वायकर साहेब से भेंट की गई

मिडिया हाउस मुंबई  – मुंबई महानगरपालिका (BMC) दिव्यांग बांधवों के स्टॉल पर ही जानबूझकर कार्रवाई कर रही है, ऐसी भावना बनी है। जब मुंबई में अनेक अनधिकृत स्टॉल चालू हैं, तो सिर्फ दिव्यांगों के रोजगार के साधन पर ही कार्रवाई क्यों?

पिछले 4-5 साल से मुंबई में बंद पड़े दिव्यांग स्टॉल फिर से शुरू करने और पात्र दिव्यांग बांधवों को ‘अरे स्टॉल’ उपलब्ध कराने के लिए प्रहार संस्था लगातार फॉलो-अप कर रही है।
इसी सिलसिले में ८ सप्टेंबर को खासदार वायकर साहेब से विस्तार से चर्चा हुई।
खासदार साहेब ने सकारात्मक भूमिका लेकर मदद करने का आश्वासन दिया।

पोस्टर का सबसे बड़ा नारा है:
> “दिव्यांगांचा रोजगार हा दयेचा विषय नाही, तो आमचा हक्क आहे!”
> और “अनधिकृत स्टॉलवर कारवाई होत नसेल, तर दिव्यांगांच्या स्टॉलवरच कारवाई का?”

भेंट के समय उपस्थित:
– मुंबई अध्यक्ष – कृष्णा शिंदे
– मुंबई संपर्कप्रमुख – रमेश सरतापे
– मुंबई महिला अध्यक्ष – जीनत शेख
– मुंबई सचिव – संदेश गायकवाड
– मुंबई विभागाध्यक्ष – रिजवान शेख
– सतीश मुत्ते – विभाग प्रमुख, किरण माने, जोगेश्वरी विभाग और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे

चुनाव आयोग ने इस वर्ष से घर से वोटिंग करने की नई नीति जारी की है. उम्र के 85 साल पूरे कर चुके तथा पोलिंग सेंटर तक पहुंचने में असमर्थ लोगों के लिए

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *