10 विकासखंडों के 85 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, कक्षा 8 में शौर्य ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

मिडिया हाउस सोनभद्र – जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सोनभद्र में जनपद स्तरीय मेधावी छात्र चयन परीक्षा-2026 का सफलतापूर्वक आयोजन एवं समापन हुआ। जनपद के सभी 10 विकासखंडों से कक्षा 3, 5, 6 एवं 8 के कुल 85 मेधावी विद्यार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। परीक्षा में कक्षा 3 के 20, कक्षा 5 के 23, कक्षा 6 के 21 तथा कक्षा 8 के 21 विद्यार्थी शामिल हुए।
परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना, तार्किक क्षमता एवं आत्मविश्वास का विकास करना तथा उन्हें भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना रहा।
परीक्षा को सुचारु, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने में डीएलएड द्वितीय वर्ष के चार प्रशिक्षुओं ने पर्यवेक्षक एवं जांचकर्ता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रश्नपत्रों का निर्माण डायट के विषय विशेषज्ञों—प्रवक्ता हिन्दी डॉ. अरमा, प्रवक्ता गणित हीरालाल, प्रवक्ता समाजशास्त्र सुनील, प्रवक्ता विज्ञान मनोज कुमार, प्रवक्ता अंग्रेजी डॉ. रिचा ओझा एवं राजकुमार द्वारा किया गया।
कक्षा 3 में नियति मौर्या प्रथम
कक्षा 3 में करमा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय गड़ईगाड़ की छात्रा नियति मौर्या ने 40 में 38 अंक प्राप्त कर 95 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। रॉबर्ट्सगंज के प्राथमिक विद्यालय मारकुंडी घाट के दिव्यांशु गोस्वामी ने 36 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया।
वहीं, म्योरपुर के प्राथमिक विद्यालय परसवार राजा की परी, बभनी के कम्पोजिट विद्यालय बैना की आकांक्षा गुप्ता तथा चोपन के प्राथमिक विद्यालय पड़रीपान की सुषमा ने 31-31 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 5 में आयुष कुमार अव्वल
कक्षा 5 में करमा के प्राथमिक विद्यालय सहदैया बैड़ाड़ के आयुष कुमार ने 40 में 34 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। चोपन के प्राथमिक विद्यालय खेवन्हा की सीमा कुमारी 33 अंकों के साथ द्वितीय रहीं।करमा के प्राथमिक विद्यालय गड़ईगाड़ के अनुज सिंह तथा राबर्ट्सगंज के प्राथमिक विद्यालय कुसी बेलाही के अंश कुमार ने 32-32 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 6 में गरिमा सिंह और भागीरथी संयुक्त प्रथम
कक्षा 6 में करमा के कम्पोजिट विद्यालय बट की गरिमा सिंह तथा म्योरपुर के कम्पोजिट स्कूल इंजानी की भागीरथी ने 50 में 37-37 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। बभनी के कम्पोजिट विद्यालय इकदरी के आयुष ने 32 अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं करमा के उच्च प्राथमिक विद्यालय भटौलिया के आयुष मौर्य तथा घोरावल के उच्च प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर की नंदनी ने 31-31 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
कक्षा 8 में शौर्य ने मारी बाजी
कक्षा 8 में राबर्ट्सगंज विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय अखाड़ा मोहल्ला के शौर्य ने सर्वाधिक 42 अंक (84 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
करमा के उच्च प्राथमिक विद्यालय भटौलिया के आर्यन मौर्य ने 41 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि चतरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय पटना के आदित्य कुमार तथा नगवां के उच्च प्राथमिक विद्यालय खलीगारी के अंकित राज ने 39-39 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
करमा विकासखंड रहा प्रथम
परीक्षा के विकासखंडवार समेकित परिणाम में करमा विकासखंड ने 76.9 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। राबर्ट्सगंज 68.6 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा म्योरपुर 67.2 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रहा। जनपद का समग्र प्रदर्शन 63.0 प्रतिशत रहा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, सोनभद्र के अध्यक्ष रवीन्द्र चौधरी ने विद्यार्थियों एवं बेसिक शिक्षा विभाग के हित में आयोजित इस मेधावी छात्र चयन परीक्षा की सराहना करते हुए आयोजन के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके लिए पुरस्कार प्रदान करने की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की।
इस शानदार सफलता पर उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य रिद्धि पाण्डेय एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परीक्षाएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास करती हैं।
उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारते हुए आगे बढ़ें तथा अपने साथी विद्यार्थियों को भी नियमित अध्ययन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित करें, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सोनभद्र का नाम निरंतर गौरवान्वित होता रहे।










