209 नवचयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को वितरित हुए नियुक्ति पत्र

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जनपद सोनभद्र के विकास खण्ड घोरावल में आज दिनांक 17.09.2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे एक माह के राष्ट्रव्यापी “सेवा संकल्प अभियान” का शुभारम्भ किया गया।
इसी क्रम में बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण माह सितम्बर 2026 के अंतर्गत बाल विकास परियोजना घोरावल के विकास खण्ड घोरावल एवं करमा के आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु नवचयनित 209 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को माननीय विधायक घोरावल डॉ० अनिल कुमार मौर्य के कर-कमलों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी, सोनभद्र विनीत कुमार सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक घोरावल डॉ० अनिल कुमार मौर्य, ब्लॉक प्रमुख दीपक सिंह पटेल, खण्ड विकास अधिकारी घोरावल, बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
विधायक घोरावल डॉ० अनिल कुमार मौर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक एवं डिजिटल बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं के विकास से जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक गति मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक द्वारा दिव्यांग एवं विकलांग श्रेणी के 06 लाभार्थियों को श्रवण मशीन एवं स्मार्ट स्टिक प्रदान की गई। साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनान्तर्गत 01 लाभार्थी को हलवाई से संबंधित बर्तन, 02 लाभार्थियों को दर्जी से संबंधित सिलाई मशीन तथा 04 लाभार्थियों को लघु उद्योग स्थापित करने हेतु अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए।कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप पारदर्शी तरीके से लगभग 1200 आंगनबाड़ी सहायिकाओं की नियुक्ति की गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में नवचयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं को उनके कार्यदायित्वों के प्रति अवगत कराया। उन्होंने उन्हें मिलने वाले विभिन्न लाभों, जैसे मानदेय वृद्धि, प्रोत्साहन राशि तथा आयुष्मान कार्ड से जोड़े जाने के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बाल विकास विभाग की सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं के माध्यम से धरातल पर विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।










