हेमंत सरकार के कार्यकाल में संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या 15 फीसद घटी : रोहन गुप्ता

गिरिडीह, 16 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने शनिवार को गिरिडीह में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के पांच साल के कार्यकाल के दौरान संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या पंद्रह फीसद कम हुई है। इसके पहले कभी भी पांच साल के अंदर आदिवासियों की संख्या इतनी कम नहीं घटी। इसकी वजह यह है कि इस इलाके में रिकॉर्ड संख्या में घुसपैठिए आए हैं।

भाजपा नेता ने 2 जून, 2023 को राज्य के डीजीपी की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि आज यह सरकार झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ से इनकार कर रही है, लेकिन डीजीपी ने जो पत्र लिखा था, उसमें कहा गया है कि झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रवेश की सूचना है।

गुप्ता ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि घुसपैठियों को यहां मदरसों में ठहराया जाता है। इसके बाद इनका सरकारी दस्तावेज तैयार किया जाता है, उनका नाम मतदाता सूची में डाला जाता है और फिर साजिश के तहत उन्हें वहां बसाया जाता है। संथाल परगना के साथ राज्य के कई जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रवेश की संभावना है। इसकी सतत निगरानी और जांच आवश्यक है।

भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि अगर यहां घुसपैठ नहीं है, तो फिर यह पत्र झारखंड के डीजीपी की ओर से क्यों लिखा गया? उन्होंने कहा कि दो दिन पहले गठबंधन के साथी दल के नेता ने कहा कि वे घुसपैठियों को भी 450 रुपये में गैस सिलेंडर देंगे। क्या कभी आपने किसी राष्ट्रीय पार्टी के नेता को ये कहते सुना है कि हम घुसपैठियों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ देंगे? यह आदिवासियों भाई-बहनों को समझना पड़ेगा कि खतरा कितना बड़ा है।

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भाजपा नेता ने कहा कि आप केवल झारखंड के लिए वोट नहीं कर रहे हैं। आप पूरे देश के लिए वोट कर रहे हैं। जब तक राज्य सरकार की इच्छाशक्ति नहीं होगी, इस प्रकार की घुसपैठ की घटना नहीं होगी। झारखंड की जनता के साथ इस सरकार ने जो छल किया है, उसका जवाब झारखंड की जनता लेकर रहेगी। घुसपैठियों के सहयोग से जो सरकार बनाने का षड्यंत्र का झारखंड की जनता ने पहले चरण की वोटिंग में करारा जवाब दिया है।

–आईएएनएस

एसएनसी/सीबीटी

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