यूपी : बाराबंकी में 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का बन रहा 'आयुष्मान कार्ड', पीएम मोदी का जताया आभार 

बाराबंकी, 25 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जन सामान्य को ध्यान में रखकर कई कल्याणकारी योजनाएं लाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, अब हाल ही में इसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को जोड़ा गया है। यूपी के बाराबंकी जिले में भी लोग इस योजना से अछूते नहीं है।

‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत वर्तमान में 70 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग वाले वरिष्ठ नागरिकों का बाराबंकी जिले में आयुष्मान कार्ड बनना शुरू हो गया है। शासन के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग विशेष शिविर लगाकर लोगों का आयुष्मान कार्ड बना रही है। बाराबंकी में आयुष्मान योजना के अंदर कवर होने वाले लोगों की कुल संख्या 5 लाख के आसपास है। आधार कार्ड के मुताबिक जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है, वह इसके पात्र हैं।

‘आयुष्मान भारत योजना’ को लेकर सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि बाराबंकी जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है, उनके कार्ड बनाए जाने हैं। इसी क्रम में कुछ दिन पहले जिले में पहला कार्ड दिलीप कुमार को जारी किया गया था। अभी तक पूरे जनपद में करीब 1,000 कार्ड जारी कर दिया गया है। यह क्रम तक तक जारी रहेगा, जब तक जिले के सभी 70 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड नहीं बन जाते। जगह-जगह कैंप लगाकर सभी के कार्ड बनवाए जाएंगे।

इस योजना की वरिष्ठ महिला लाभार्थी वरुणा देवी ने बताया कि पीएम मोदी ने जो आयुष्मान कार्ड बनवाया है, वो हमारे लिए वरदान है। मेरी उम्र 70 साल से अधिक है, ऐसे में कभी भी बीमार पड़ सकते हैं, कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। इसलिए आयुष्मान कार्ड से हमें बहुत सहायता मिलेगी। इस योजना के पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद।

दीपोत्सव के दौरान हुए उपद्रव में बाहरी तत्वों का हाथ : जामिया 

योजना के लाभार्थी और वरिष्ठ नागरिक दिनेश टंडन ने बताया कि भारत सरकार ने 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए जो आयुष्मान कार्ड बनवाया है, वह बहुत बेहतरीन पहल है। हम लोग अब सक्षम नहीं हैं, चलने में दिक्कत होती है और कभी भी इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में ये आयुष्मान कार्ड हमारे लिए वरदान साबित हो रहा है। इस योजना के लिए पीएम मोदी की तारीफ होनी चाहिए।

–आईएएनएस

एससीएच/जीकेटी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *