मिलिंद नार्वेकर के बाबरी मस्जिद विध्वंस पोस्ट पर महाविकास अघाड़ी के नेता क्यों खामोश : वारिस पठान

मुंबई, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। शिवसेना यूबीटी के एमएलसी मिलिंद नार्वेकर की ओर से बाबरी मस्जिद विध्वंस की तस्वीर पोस्ट किये जाने को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गर्मा गई है।

एआईएमआईएम के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता वारिस पठान ने कहा कि मैंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि छह दिसबंर 1992 के दिन हमारी बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया था। जिसको हम देश के लोकतंत्र के लिए काला दिन बोलते हैं। उसके ऊपर शिवसेना यूबीटी के एमएलसी मिलिंद नार्वेकर ने एक ट्वीट करते हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस का फोटो लगाया है। उन्होंने यह कहा है कि हमको गर्व है उन पर जिन्होंने बाबरी को गिरा दिया।

उन्होंने आगे कहा कि मेरा सवाल उद्धव ठाकरे, कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और शरद पवार से है कि क्या यह मुसलमानों के साथ धोखा नहीं है। इस तरह के ट्वीट के जरिये मिलिंद नार्वेकर क्या दिखाना चाहते हैं। चुनाव के वक्त मुसलमानों का वोट लेकर आप खामोश बैठे हैं। मैं जानना चाहता हूं कि इम मुद्दों पर इन नेताओं की क्या राय है। इनको साफ करना चाहिए क्या वो इसके समर्थन में हैं या उनके बयान का खंड़न करेंगे। भारत का मुसलमान इन सवालों का आपसे जवाब चाहता है।

महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने कहा कि कल 6 दिसंबर को शिवसेना (यूबीटी) के एक नेता ने सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट किया, जिसमें बाबरी मस्जिद विध्वंस (1993) के लिए पार्टी को श्रेय देने का दावा किया गया। हम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि इस तरह की पोस्ट से भावनाएं आहत होती हैं और ये एकता, धर्मनिरपेक्षता और सभी समुदायों के सम्मान के खिलाफ है। हम यहां सभी वर्गों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए हैं, लोगों को विभाजित करने के लिए नहीं।

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बाबरी विध्वंस को लेकर शिवसेना यूबीटी एमएलसी मिलिंद नार्वेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने बाबरी विध्वंस की एक तस्वीर अपने एक्स हैंडल से पोस्ट की और कैप्शन में शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का यह कथन लिखा, “मुझे उन लोगों पर गर्व है जिन्होंने ऐसा किया।”

मिलिंद नार्वेकर द्वारा पोस्ट किए गए कार्ड में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और उनकी तस्वीरें भी शामिल थी। जिसको लेकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

–आईएएनएस

एकेएस/जीकेटी

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