कांग्रेस को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के साथ कम्युनिकेशन रणनीति में बदलाव की जरूरत : तहसीन पूनावाला

नई दिल्ली, 16 दिसंबर, (आईएएनएस)। राजनीतिक विश्लेषक और सलाहकार तहसीन पूनावाला ने सोमवार को आईएएनएस के सात बातचीत के दौरान कांग्रेस पार्टी में कम्युनिकेशन विभाग, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की लोकसभा में पहली स्पीच सहित अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

राजनीतिक विश्लेषक और सलाहकार तहसीन पूनावाला ने कांग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग पर कहा, “मेरा मानना ​​है कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस को अपनी संचार रणनीति में थोड़े बदलाव की जरूरत है। देश के सामने इस समय जो वास्तविक मुद्दे हैं, किसानों का प्रदर्शन, बांग्लादेश में ह‍िंदुओं पर अत्याचार, संभल हिंसा, मणिपुर हिंसा, सीरिया के साथ हमारे देश में नौकरियां को लेकर युवाओं की चिंता जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।“ ये देश के वास्तविक मुद्दे हैं। कांग्रेस की कम्युनिकेशन विभाग को इनके अनुरूप होना चाहिए और इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

मैं समझता हूं कि विपक्ष में जितने भी दल हैं, उनकी कोशिश यह होनी चाहिए कि संसद में चर्चा के दौरान सरकार भागे नहीं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने लोकसभा में अच्छी स्पीच दी। लेकिन, जैसे ही उनकी स्पीच खत्म हुई, फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया का फोकस वहां चला गया। मुझे लगता है कि कांग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग रणनीति बदलने की जरूरत है।

कम्युनिकेशन विभाग की जिम्मेदारी बदलने पर तहसीन पूनावाला ने कहा, “जिम्मेदारी किसे सौंपनी चाहिए यह पार्टी का निर्णय है। पार्टी को यह देखना चाहिए कि जो मुद्दे वह उठा रहे हैं, वह आवाम तक पहुंचे। कांग्रेस को यह समझना होगा कि आवाम के मुद्दे क्या है।”

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कांग्रेस के प्रवक्ता द्वारा विवादित बयान देने पर तहसीन पूनावाला ने कहा, “मैं समझता हूं कि इस तरह की चीजें किसी भी पार्टी में नहीं होनी चाहिए।“ हाल की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज कपूर के परिवार से मिले, लेक‍िन मणिपुर नहीं गए। इन दोनों को जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। क्योंकि, जनता इससे खुद को कनेक्ट नहीं कर पाती है। कांग्रेस को मुद्दे बदलने की जरूरत है। सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को मुद्दे बदलने की जरूरत है। स्वर्गीय सुषमा स्वराज और अरुण जेटली कहते थे कि संसद विपक्ष का हाउस होता है और इसे चलाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है। विपक्ष को भी यह समझना चाहिए जो आवाम से जुड़े मुद्दे हैं उन पर चर्चा हो, जिससे सरकार भागे नहीं।

लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पहले संबोधन पर तहसीन पूनावाला ने कहा, “ऐतिहासिक संबोधन था। प्रियंका गांधी के तौर पर विपक्ष को ऐसा स्पीकर मिला है, जो दोनों सदनों में विपक्ष की बात को मजबूती के साथ रख सकती हैं।“

तहसीन पूनावाला ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय के एक सदस्य द्वारा कांग्रेस से नेहरू के दस्तावेज वापस करने के लिए कहने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्हें सोनिया गांधी के आदेश पर वापस ले लिया गया था। उन्होंने कहा, ” कोई 2024 में 2008 के बारे में क्यों बात कर रहा है। 10 या 11 साल पहले यह बात क्यों नहीं की गई। अब वे इस मुद्दे को क्यों उठा रहे हैं। मुझे इसमें कोई तर्क नहीं दिखता है, और मुझे समझ में नहीं आता कि इस मुद्दे को उठाने का क्या मतलब है। अगर कुछ गलत हुआ था, तो पहले क्यों बात नहीं की।

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–आईएएनएस

डीकेएम/सीबीटी

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