वाणी-संयम दिवस के रूप में मना पर्युषण महापर्व का चौथा दिन

बोलना एक कला, किन्तु मौन रखना एक तप : उपासिका वीणा
मीडिया हाउस न्यूज एजेंन्सी 15ता० बोकारो। जैन धर्मावलंबियों ने पर्युषण महापर्व का चौथा दिन वाणी संयम दिवस के रूप में मनाया। चास में कुलदीप टॉकीज गली स्थित माणक चंदजी छालाणी भवन में इस अवसर पर आयोजित प्रवचन कार्यक्रम के दौरान उपासिका श्रीमती वीणा बोथरा एवं उपासिका श्रीमती ममता बोथरा ने मानव जीवन में वाणी के प्रभाव और इस पर संयम रखने की महत्ता बताई। उपासिका वीणा ने कहा कि वाणी-संयम मनुष्य जीवन का आभूषण है। बोलना एक कला है, किन्तु मौन रखना एक तप है। मौन मन की शांति का एक कारगर अवयव है। मौन से बड़े से बड़ा कलह भी शांत हो जाता है। इससे आत्मिक ऊर्जा का विकास होता है तथा मानसिक व भावनात्मक शक्ति बढ़ती है। हमें अनावश्यक नहीं बोलना चाहिए।
वाणी आपके व्यक्तित्व का आईना : उपासिका ममता
इस अवसर पर उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए उपासिका ममता बोथरा ने कहा कि न बोलना ही मौन नहीं है, अपितु संयमपूर्वक सोच-समझकर कम शब्दों में बोलना भी एक प्रकार का मौन ही है। मौन से संप्रेषण शक्ति का विकास होता है तथा मनुष्य तनावमुक्त रहता है। उन्होंने कहा कि कम बोलने के साथ मधुर भी बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाणी व्यक्तित्व का आईना होती है। वाणी के द्वारा व्यक्ति की पहचान सरलता से हो जाती है। वाणी का मीठापन रिश्तों में रस घोल देता है। वाणी का असंयमित प्रयोग घर-परिवार के वातावरण को दूषित बना देता है, इसलिए वाणी पर संयम एवं मौन का अभ्यास अवश्यक करना चाहिए। वाणी मधुर निरवद्य, परिमित, कार्य साधिका व कल्याणी होनी चाहिए। मनुष्य की जीभ में अमृत और विष दोनों भरे हैं। महत्त्व जीभ के इस्तेमाल करने के तरीके का है। जिह्वा अगर संभल जाती है, तो जीवन संभल जाता है।
मनेगा अनुव्रत चेतना दिवस : आचार्य श्री महाश्रमणजी की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पर्युषण महापर्व का पांचवां दिन शनिवार को अनुव्रत चेतना दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 17 सितंबर को जप दिवस, 18 सितंबर को ध्यान दिवस तथा 19 को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा। 20 सितंबर को क्षमापना दिवस के साथ इस नौदिवसीय पर्व का समापन होगा। प्रवचन प्रातः 9 से 10 बजे एवं संध्याबेला में 8.30 से 9.30 बजे तक चल रहा है। मौके पर शांतिलाल लोढ़ा, प्रकाश कोठारी, कनक जैन, आरती पारख, विनोद चोपड़ा, राजेश कोठारी, शशि बांठिया, बजरंग लाल चौरड़िया, सिद्धार्थ, अमृत, अशोक, गौरव लोढ़ा, ललिता, प्रमोद, मदन चौरड़िया, जयचंद, सुशील, अरिहंत, शशि, रेणु चौरड़िया, सरोज छलानी, राजू आदि मौजूद रहे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश बोथरा ने दी।

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