वन भूमि विवादों के निस्तारण के लिए वनाधिकार कानून लागू करें सरकार

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 2ता.सोनभद्र– मांची थाना क्षेत्र के केवटम गांव में वन कर्मियों द्वारा आदिवासियों के उत्पीड़न पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने सरकार से मांग की है कि सोनभद्र, मिर्जापुर और नौगढ़ में भूमि विवादों के समाधान के लिए भूमि आयोग का गठन किया जाए विशेषकर वनभूमि विवादों के समाधान के लिए वन अधिकार कानून को तत्काल लागू किया जाए। आइपीएफ की जिला कमेटी ने इस आशय का प्रस्ताव लिया। प्रस्ताव की जानकारी प्रेस को देते हुए जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका ने बताया कि आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में सामाजिक तनाव का एक बड़ा कारण भूमि विवाद रहा है। यहां उभ्भा जैसा आदिवासियों का नरसंहार हुआ और इसके पहले भी बहुत सारी घटनाएं होती रही है। इसके हल और सामाजिक शांति के लिए एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया गया, जिससे यहां शांति का माहौल बन सका। आज भारतीय जनता पार्टी के नेता और उनके प्रतिनिधि वनभूमि विवाद के हल के लिए वन अधिकार कानून को लागू करने की जगह सामाजिक शांति को भंग करने में लगे हुए हैं। सीएम की घोषणा के बावजूद वन अधिकार कानून की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। आदिवासियों के बीच में पट्टे का वितरण नहीं हो रहा है और वन आश्रितों से लेकर तमाम आदिवासियों की सत्यापन प्रक्रिया भी रुकी हुई है। उल्टा आदिवासियों और वन आश्रितों का केवटम, रणहोर समेत जगह-जगह उत्पीड़न किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में आईपीएफ ने मांग की है कि क्षेत्र की सामाजिक शांति के लिए मुख्यमंत्री जी को हस्तक्षेप करना चाहिए और युद्ध स्तर पर वन अधिकार कानून के तहत पुश्तैनी वन भूमि पर आदिवासियों और वन आश्रितों के पट्टा वितरण व सत्यापन का आदेश जिला प्रशासन को देना चाहिए।

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